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आतंकी हमलों की पुनरावृत्ति तुरन्त रोके भाजपा सरकार

दशहतगर्दी फैलाकर किसी को कमजोर करना और अपनी बात मनवाने के लिए दूसरे को मजबूर करने जैसी घटनायें तभी होती हैं जब किसी व्यक्ति का अपना घर मजबूत नहीं होता है या घर का मुखिया अपने ही घर के किसी पर दवाब बनाकर अपना प्रभुत्व स्थापित करता है। शक्ति व्यक्ति की सामर्थ्य से परिलक्षित होती है और जो बातों के बताशे बनाकर अनावश्यक डींगे मारते हैं उन पर दुश्मन हावी होने के लिए हथकण्डे अपनाते रहते हैं। 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में हुआ आतंकी हमला अब तक का सबसे बड़ा हमला है जिसमें हमारे 44 जवान व्यवस्था की खामियों के कारण मौत के मुंह में समा गए। पाकिस्तान आतंक का पर्याय है और 1947 से अब तक भारत के साथ उसके रिश्ते कैसे रहे यह किसी से छुपा नहीं है। भारत का एक-एक नागरिक जानता है कि पाकिस्तान कश्मीर के रास्ते भारत में अस्थिरता का वातावरण बनाता रहता है इस बात से हमारी सेनाएं भी बखूबी वाकिफ हैं और केन्द्र की सत्ता तथा विपक्ष में बैठे राजनेता भी। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक एवं संस्कारित राष्ट्र है और जब राष्ट्र पर किसी प्रकार का संकट आता है तो भारत का एक-एक नागरिक सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ख...

देश का किसान बदलेगा राजनीति की दिशा: लालसिंह यादव

बरेली। समाजवादी कृषक नेता चौ. लालसिंह यादव ने कहा है कि किसान देश की आत्मा है जो अन्नदाता बनकर देशवासियों को खाद्यान्न व्यवस्था प्रदान करता है और किसान का ही बेटा सेना में सिपाही बनकर राष्ट्र की रक्षा करता है। किसान की कुर्बानी से ही देश आत्मनिर्भर बना और देश की सत्ता का संचालन करने वाली सरकारों का चयन भी देश की सत्तर प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के योगदान से ही होता है। किसान किसी राजनेता अथवा सरकार की कृपा का मोहताज नहीं है लेकिन उसी के द्वारा चयनित सरकारें किसान के साथ नाइंसाफी कर कृषि उपज का पूरा मूल्य नहीं देती हैं परिणाम स्वरुप  किसान और उसके परिवार का स्तर अपनी कार्यपालिका एवं विधायिका के स्तर से काफी नीचा रह गया है। प्रेस को जारी एक बयान में उन्होंने देश में आर्थिक विषमता बढ़ाने के लिए केन्द्र की सत्ता पर काबिज रही सरकारों की नीतियों को दोषी बताते हुए कहा कि हमारे राजनेता अपने वेतन भत्ते स्वयं बढ़ा लेते हैं और कार्य पालिका वेतन आयोगों का गठन कर अपने-अपने वेतन भत्ते लगातार बढ़ाती जा रही है। जितने वेतन भत्ते  बढ़ रहे हैं उतना ही भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। जब ...

अलगाववाद को त्यागकर समाजवाद से जुड़े देश की जनता: डॉ. एस.बी. यादव

बरेली। समाजवादी विचारक एवं शिक्षाविद् अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य डॉ. श्यामबिहारी लाल यादव ने कहा है कि देश को विकास की आवश्यकता है जो समाजवाद से ही संभव है। मंदिर, मस्जिद एवं हिन्दू-मुस्लिम में बांटकर देश को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है और जिन लोगों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा उनको जनता और देश की आजादी रास नहीं आ सकती। प्रेस को जारी एक बयान में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में अर्द्धसैनिक बलों पर हुए आतंकी हमले को सरकार की विफलता एवं गलत नीतियों का परिणाम बताते हुए कहा कि देश और प्रदेश की सत्ता संभालना किसी अकुशल व्यक्ति या नकारात्मक विचारधारा वाले का काम नहीं है लेकिन समाज में बढ़ रही आर्थिक विषमता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अर्थ ही बदल दिया है जिस लोकतंत्र की स्थापना जनता के मताधिकार से होती थी उसको आज पूंजीपतियों के आर्थिक सहयोग से बनाया जा रहा है। जो घर परिवार की जिम्मेदारी संभालने में सक्षम नहीं थे वे देश और प्रदेश के खेवनहार का दायित्व संभाल रहे हैं। देश और समाज को किस चीज की आवश्यकता है लेकिन ये नेता देश को किस तरफ ले जा रहे हैं इस पर जनता को पुनः विचार करना होे...

समाजवादी सरकार का एक्सप्रेसवे देश का गौरव: एन.एस. यादव

बरेली। अखिल भारतीय भ्रष्टाचार एवं शोषण निवारण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.एस. यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त राजनेताओं को जनता वोट की चोट से बेनकाब करे और जिन राज नेताओं के कार्यकाल में विकास और जनहित के कार्य हुए हों उन्हें दोबारा सेवा का अवसर देकर देश और प्रदेशों को उन्नति के पथ पर अग्रसर होने का मार्ग प्रशस्त करे। जो राजनेता एक-दूसरे पर चोर और भ्रष्ट होने का आरोप लगा रहे हों उनको सत्ता की भागीदारी से अलग रखकर ईमानदार एवं कर्मठ जन प्रतिनिधियों का चयन करें। प्रेस को जारी एक बयान में एन.एस. यादव ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर चोर होने और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाकर देश की राजनीति में गंदगी फैला रहे हैं जबकि वर्तमान केन्द्र सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में देश का कितना अहित किया वह किसी से छुपा नहीं है और जब हिन्दू-मुस्लिम तथा मंदिर कार्ड नहीं चला तो अब लाशों पर राजनीति कर दोबारा सत्ता की सवारी करने का माहौल तैयार किया जा रहा है जिसे देश की जनता भली प्रकार समझ चुकी है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आम जनता से जुड़ा नेता तथा विकास पुरुष बताते हुए ...

वाणी के अपभ्रंस ने गिरायी राजनीति की गरिमा

समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता रामनरेश यादव ने कहा है कि समाजवाद भारत की आवश्यकता है जबकि अलगाववाद बढ़ाने से देश को आतंकी गतिविधियों का सामना करना पड़ता है। संगठन में बड़ी शक्ति होती है और जब राजनेता एक-दूसरे की बुराई करने को ही अपना कर्तव्य मान लेते हैं तब कमजोर पड़ोसी भी हमलों की साजिश रचने लगते हैं। वाणी की कटुता और शब्दों के अपभ्रंस से व्यक्ति के चरित्र सभ्यता और गंभीरता का बोध होता है तथा जो राजनेता वाणी से गिर जाता है उसकी गरिमा गिरनी प्रारम्भ हो जाती है जो देश के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरती है। प्रेस को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सत्तारुढ़ भाजपा में सम्मान की संस्कृति नहीं है चाहे पद कितना ही बड़ा मिल जाये इस दल का नेता पद की गरिमा पर कभी खरा नहीं उतर पाता है। भारत की जनता ने दोबारा भाजपा को पूरे कार्यकाल के लिए देश की सत्ता सौंपी लेकिन भाजपा का कोई भी नेता देश की जनता की भावनाओं और अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। केन्द्र की वर्तमान सरकार ने देश का जो नुकसान किया उसकी पूर्ति आगामी दस वर्षों में भी नहीं हो पायेगी और धनहानि को अनदेखा कर दिया जाये तो भी जनहानि के कलंक को कभी भी...

भाजपा बनी देश पर संकट लाने का पर्याय

जाति और धर्म के आधार पर देश और समाज को बांट कर सत्ता प्राप्त करने वाली भाजपा भारत के लिए संकटों का पर्याय बन चुकी है। सरकार चाहे अटल बिहारी वाजपेयी की हो या नरेन्द्र मोदी की, जहां संघ की विचारधारा का प्रयोेग होता है वहीं देश और समाज पर नाना प्रकार के संकटों का आगाज होने लगता है। वर्ष 2014 और इससे पूर्व भाजपा ने सत्ता में आने के लिए देश की जनता से जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया बल्कि जो कहा उसका उल्टा किया जिससे राष्ट्र को अपार जन और धन की हानि उठानी पड़ी। केन्द्र में काबिज रही सरकारों ने पिछले छः दशक में जितनी प्रगति की उसकी दुर्गति भाजपा ने पांच साल में कर देश को बीस साल पीछे धकेल दिया है। देश की आजादी के सात दशकों में युद्ध को छोड़कर उतने सैनिक नहीं मारे गए जितने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुए कारगिल तथा मोदी राज में उड़ी तथा पुलवामा में मारे गए जिससे भारत का सिर नीचे झुका है मजबूरन विश्व के अन्य देशों को भारत के प्रति बेचारा समझ कर सहानुभूति प्रकट करनी पड़ी। पिछले पांच सालों में सीमा पर मारे गए हमारे जवानों की संख्या यह बताती है कि देश का राजा शक्तिशाली है या बुजद...

उत्तराखंड की जनता अब नहीं होगी मायूश , राज्य निर्माण का सपना होगा साकार : सिद्धार्थ सिंह

हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के युवा नेता एवं उत्तराखण्ड सपा के फ्रंटल संगठनों के प्रभारी सिद्धार्थ सिंह ने सोमवार को पुल जटवाड़ा स्थित जिला कार्यालय पर सपा कार्यकर्ताओं से भेंटकर उत्तराखण्ड में पार्टी के पुर्नगठन पर चर्चा की वे उत्तराखण्ड में गढ़वाल एवं कुमांऊ मण्डल के एक सप्ताह के दौरे पर आए हैं तथा कार्यकर्ताओं के विचारों से राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराएंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का कार्यकर्ताओं को संदेश देते सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में सपा कार्यकर्ता हों या राज्य की जनता किसी को भी अब उपेक्षित नहीं रहने दिया जाएगा इसके लिए राष्ट्रीय नेतृत्व स्वयं संगठन की समीक्षा बैठकों का आयोजन कर कार्यकर्ताओं को जन-जन से जोड़ने का कार्य करेगा। उत्तराखण्ड को भारत का सर्वोत्तम राज्य बताते हुए उन्होंने काह कि इस नए राज्य का सृजन ही समाजवादी पार्टी ने किया था ताकि सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं को अपने राज्य में सेवाओं के अवसर प्राप्त हों और स्थानीय नेता स्वयं राज्य के विकास में योगदान दें लेकिन अब तक जो दल सत्ता पर काबिज रहे उन्होंने नए राज्य निर्माण के...