बरेली। अखिल भारतीय भ्रष्टाचार एवं शोषण निवारण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.एस. यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त राजनेताओं को जनता वोट की चोट से बेनकाब करे और जिन राज नेताओं के कार्यकाल में विकास और जनहित के कार्य हुए हों उन्हें दोबारा सेवा का अवसर देकर देश और प्रदेशों को उन्नति के पथ पर अग्रसर होने का मार्ग प्रशस्त करे। जो राजनेता एक-दूसरे पर चोर और भ्रष्ट होने का आरोप लगा रहे हों उनको सत्ता की भागीदारी से अलग रखकर ईमानदार एवं कर्मठ जन प्रतिनिधियों का चयन करें।
प्रेस को जारी एक बयान में एन.एस. यादव ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर चोर होने और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाकर देश की राजनीति में गंदगी फैला रहे हैं जबकि वर्तमान केन्द्र सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में देश का कितना अहित किया वह किसी से छुपा नहीं है और जब हिन्दू-मुस्लिम तथा मंदिर कार्ड नहीं चला तो अब लाशों पर राजनीति कर दोबारा सत्ता की सवारी करने का माहौल तैयार किया जा रहा है जिसे देश की जनता भली प्रकार समझ चुकी है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आम जनता से जुड़ा नेता तथा विकास पुरुष बताते हुए उन्होंने कहा कि आगरा से लखनऊ के बीच बना एक्सप्रेसवे भारत का पहला और उच्च गुणवत्ता वाला एक्सप्रेसवे है जिस पर हल्के और भारी वाहनों के साथ ही लड़ाकू विमानों को भी उतार कर राष्ट्र रक्षा के कार्यों को पूर्ण किया जा सकता हैै। सपा सरकार द्वारा बनाये गए एक्सप्रेसवे एवं लखनऊ मैट्रो को यूपी का गौरव बताते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने उत्तर प्रदेश के हर वर्ग की उन्नति के लिए जो विकास एवं जनहित के कार्य किए हैं उसको जनता आज भी याद करती है तथा वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध उत्तर प्रदेश की जनता अब दोबारा विकास पुरुष के नेतृत्व वाली सरकार के चयन का समय देख रही है। आसन्न लोकसभा चुनाव से पूर्व हुए सपा-बसपा गठबंधन को समय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की 85 प्रतिशत जनता पर 15 प्रतिशत वाले तानाशाहीपूर्वक राज कर रहे हैं और दलित-पिछड़े तथा अल्पसंख्यकों को आपस में लड़वाकर बांटने का काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश देश के भाग्य का निर्माण करने वाला प्रदेश है जिसने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री देकर राष्ट्र को उन्नति के पथ पर अग्रसर करने का काम किया लेकिन दूसरे प्रदेश से आये एक व्यक्ति ने गंगा मैया के नाम पर राज्य की जनता को ऐसा छला कि पूरा देश उसका खामियाजा भुगत रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता अब केवल और केवल विकास कार्य करने वालों को ही सत्ता संचालन के लिए चयनित करेगी, चुनाव चाहे लोकसभा का हो या विधानसभा का, राज्य की जनता अब झूठे आश्वासन और कच्चे लालच में फंस कर किसी भी दल अथवा व्यक्ति के नाम पर मतदान नहीं करेगी।

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