हरिद्वार 29 अप्रैल । श्री राधा कृष्ण धाम के परमा अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा है कि भूखे को भोजन और प्यासे को जल देना ही भगवान की सबसे बड़ी पूजा है, राधा कृष्ण धाम लाकडाउन के प्रारंभ काल से ही संपूर्ण हरिद्वार क्षेत्र में भोजन के पैकेट वितरण की व्यवस्था कर रहा है जो 8 मई तक अनवरत जारी रहेगी। जिन लोगों के पास बनाने की व्यवस्था है उनको एक से 3 मई तक कच्चे राशन का वितरण किया जाएगा । वे आज राधा कृष्ण धाम में अपने सहयोगी तथा संत समाज को अपनी कृतज्ञता से अवगत करवा रहे थे। सहयोग करने वाले संतों तथा समाज सेवियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आपातकाल में ही समाज को सहयोग की आवश्यकता होती है और सामाजिक तथा राजनीतिक कार्यकर्ता होने के नाते मैं अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहा हूं। श्री सतपाल ब्रह्मचारी को साहसिक कार्य के लिए महामंडलेश्वर स्वामी चेतनानंद उदासीन तथा महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि ने कहा कि हरिद्वार के आश्रमों मेंलगभग पाँच सौ अन्न क्षेत्र चल रहेथे जिन को प्रशासन ने प्रशासन ने बंद करवा दिया जिससे हरिद्वार की 20% जनता भूखमरी के कगार पर आ गई थी। श्री सतपाल ब्रह्मचारी ने जनता के दर्द को समझते हुए ही पका हुआ भोजन प्रदान करने की योजना बनाई जिसकी सर्वत्र सराहना हो रही है। उन्होंने भोजन बनाने तथा वितरित करने में लगे लगभग एक सौ परिवारों के पालन-पोषण के लिए राधा कृष्ण धाम के सहयोगी तथा ट्रस्ट यू के साहस की मुक्त कंठ से सराहना की।
हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...
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