हरिद्वार 3 मई। ऑल इंडिया सलमानी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तथा समाजवादी नेता फैसल सलमानी में वरिष्ठ पत्रकार तथा सलमानी समाज के प्रांतीय सदर जुलफिकार अली सलमानी के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कलाम पाक की तिलावत की। उन्होंने संपूर्ण सलमानी समाज की तरफ से शबाब की नियत से फातहा करते हुए उनके परिजनों को इस अपार दुख सहन की सामर्थ देने की कामना की। लाकडाउन के मद्देनजर जूममीटिंग के माध्यम से प्रेस को जारी बयान में फैसल सलमानी ने कहा कि जुल्फिकार अली सलमानी समरसता वादी विचारधारा के उदीयमान खबर नवीस थे तथा बिरादरी के हक हकूको के प्रति हमेशा समर्पित भावना से कार्य करते रहे उनका असामयिक निधन संपूर्ण समाज के लिए बड़ी हानि है । जुल्फिकार अली सलमानी के निधन पर संवेदना व्यक्त करने वालों में प्रमुख थे नदीम सलमानी, सुहेल सलमानी, नसीम सलमानी, शमशाद सलमानी, सलीम सलमानी ,शाहिद सलमानी, शमशेर सलमानी, आसिफ सलमानी, खुर्शीद सलमानी जमीर सलमानी तथा हाजी शहाबुद्दीन सलमानी ।
हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...
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