Skip to main content

11 फरवरी को देश के दिल से तय होगी सरकार और जनता के मन की बात?

देश का दिल कही जाने वाली दिल्ली में विधानसभा के चुनाव सम्पन्न हो रहे हैं। भारत में दिल्ली ही एकमात्र ऐसा शहर है जहां भारत के प्रत्येक प्रांत, शहर, क्षेत्र और समाज का प्रतिनिधित्व है इसलिए दिल्ली की जनता का निर्णय ही देश की जनता का निर्णय माना जाता है। देश की राजधानी होने के कारण यहां भिखारी और मजदूर से लेकर शीर्ष अधिकारी, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सभी मिलकर निर्णय लेते हैं यही कारण है कि दिल्ली के चुनावों को देश की जनता के निर्णय की बानगी के तौर पर देखा जाता है।
वैसे तो आमतौर पर प्रत्येक चुनाव में जनता का मूड भांप कर ही चुनाव परिणाम का अंदाजा लगाया जा सकता है लेकिन इस चुनाव में एक पार्टी विशेष के प्रति अधिसंख्य जनता जिसमें दो धर्मों के लोगों का गुस्सा सम्मिलित है कुछ अलग ही स्थिति बयां कर रही है और कई कठोर निर्णय लेने के बाद भी असंवेदनशील बने रहने वाली पार्टी ने शाहीन बाग के धरने को भी जब नजरन्दाज कर दिया हो और शैक्षिक संस्थाओं को देशद्रोह की श्रेणी में ला दिया हो तो दिल्ली की जनता क्या निर्णय देगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। देश की प्रबुद्ध जनता भले ही कभी बड़े लालच में फंस गयी हो लेकिन देर सवेर राजनेताओं की वास्तविकता जान ली जाती है कि कौन सा दल बातों के बतोले बनाता है और कौन सा नेता आम जनता के काम कर राष्ट्र तथा समाज को उन्नति के पथ पर अग्रसर करता है।
दिल्ली तथा देश की अन्य शैक्षिक संस्थाओं द्वारा किए गए प्रदर्शन तथा पुलिस की कार्यवाही एवं नेताओं के बयान, अभद्र टिप्पणी जिसमें गाली-गलौज की भाषा में गोली मारो... जैसे नारे लगाना तथा एक युवक द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोली चला देना एवं पुलिस द्वारा उसे तुरन्त अभिरक्षा में लेने जैसे वीडियो वायरल होना सत्तारुढ़ दल की मंशा को प्रकट करने वाले माने जा रहे हैं। यह सत्य है कि जनता के प्रति सरकार का संवेदनशील होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का पैमाना होता है लेकिन जिस सरकार ने सत्ता में आने के बाद या यों कहें कि जनता का वोट लेने के बाद, या यह समझा जाये कि ईवीएम के माध्यम से स्वयं के प्रयास से चुनाव जीतने के बाद कभी जनता के सामने झुकना सीखा ही नहीं उसके प्रति जनता का क्या रुझान होगा इस बात को सहज ही समझा जा रहा है।
अन्य दलों की भांति ही आम आदमी पार्टी भी ईवीएम से मतदान की पक्षधर नहीं है भले ही वह ईवीएम के माध्यम से मतदान होने के बाद चुनाव जीती हो लेकिन फिर भी मत पत्र पर मुहर लगाने को ही उत्तम चुनाव प्रणाली मानती है। वैसे तो चुनाव सम्पन्न होते ही एग्जिट पोल के दौर प्रारम्भ हो जाते हैं और अब तक हुए एक्जिट पोलों में 70 प्रतिशत सही भी निकले हैं। कुल मिलाकर दिल्ली विधानसभा चुनावों से ही पूरे देश की तस्वीर साफ हो जायेगी कि देश की जनता क्या चाहती है।

Comments

Popular posts from this blog

चुनौती बनता जा रहा है समाचारों पत्रों का संचालन

समाचार-पत्र समाज के मार्ग दर्शक होते हैं और समाज के आईना (दर्पण) भी होते हैं, समाचार-पत्र का प्रकाशन एक ऐसा पवित्र मिशन है जो राष्ट्र एवं समाज को समर्पित होता है। समाचार-पत्र ही समाज और सरकार के बीच एक सेतु का काम करते हैं, जनता की आवाज सरकार तक तथा सरकार की योजनायें जनता तक पहुंचाकर विकास का सोपान बनते हैं। आजादी के पूर्व तथा आजादी के बाद से लगभग पांच दशक तक समाचार-पत्रों ने सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका का निर्वाह किया। 1975 में लगे आपातकाल से भी समाचार-पत्र विचलित नहीं हुए और उन्होंने अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वाह किया ऐसा तब तक ही हुआ जब तक पत्रकार ही समाचार पत्र के प्रकाशक, स्वामी एवं संपादक होते थे ऐसा अब नहीं है।  समाचार पत्रों की निष्पक्षता और निर्भीकता कुछ पंूजीपतियों को रास नहीं आयी और उन्होंने मीडिया जगत पर अपना प्रभुत्व जमाना प्रारम्भ कर दिया। पहले तो समाचार-पत्रों की जनता से पकड़ ढीली करने के लिए इलैक्ट्रोनिक मीडिया को जन्म दिया और बाद में प्रिंट मीडिया का स्वरुप बदल कर उसके मिशन को समाप्त कर व्यावसायिकता में बदल दिया। चंद पूंजीपतियों ने सरकार से सांठगांठ कर मीडिया...

गठबंधन और भाजपा के मुकाबले को त्रिकोणीय बनायेगी जविपा सेक्यूलर

राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...

रावण ने भगवान श्रीराम के हाथों अपने मुक्ति के लिए किया माता सीता का हरण

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज त्रेता युग की उस दुर्लभ लीला का दर्शन कराया जिसमें चार वेदों के ज्ञाता रावण ने भगवान के हाथों अपनी मुक्ति के लिए माता सीता का हरण किया और उनके शरीर पर बिना हाथ लगाये सम्मोहन क्रिया से रथ में बिठाकर लंका ले गया। रामलीला के इस अद्भुत एवं महत्वपूर्ण दृश्य में रावण की भूमिका का सफल निर्वाह करते हुए मनोज सहगल ने जमकर वाहवाही लूटी वहीं श्रीरामलीला कमेटी ने रावण दरबार को जिस प्राचीन राजशाही शैली में सजाया ऐसा दरबार शायद ही किसी अन्य लीला में मिलता है। श्रीरामलीला कमेटी द्वारा भव्य रुप में सजाये गए रावण दरबार में जब राजसी शैली में राज दरबारी तथा रावण पुत्रों का आगमन हुआ और स्वयं लंकाधिपति रावण का जब पुष्प वर्षा से राजदरबार में स्वागत हुआ तो उस दृश्य को देखकर दर्शक भी अपने अतीत से गौरवान्वित हुए। रावण दरबार में जब उसकी बहन सूर्पनखा ने अपने साथ घटित घटना की जानकारी देते हुए बताया कि खर और दूषण भी अब इस दुनिया में नहीं रहे तो रावण समझ गया कि भगवान का अवतार हो गया है और उनके हाथों अपनी मुक्ति का उपाय करना चाहिए। रावण भले ही अहंकारी था ल...