Skip to main content

अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को आत्मसात करे केन्द्र सरकार

25 दिसम्बर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न प.ं अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है और किसी भी महापुरुष का जन्मदिन उसके आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए मनाया जाता है। आज केन्द्र में उसी दल की सरकार है जो दल कभी अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जाना जाता था। पं. अटल बिहारी वाजपेयी कोई सामान्य नागरिक अथवा राजनेता न होकर विलक्षण प्रतिभा के धनी थे इसीलिए देश का कोई भी नेता चाहें किसी भी दल का हो आज भी उनके कार्यकाल की आलोचना नहीं करता है। अटल बिहारी वाजपेयी एक बार उस सरकार का हिस्सा रहे जिसका गठन सभी राजनैतिक दलों ने मिलकर कांग्रेस का तख्ता पलट करने के बाद किया था और तीन बार केन्द्र सरकार का नेतृत्व भी कर चुके हैं। भले ही उनकी सरकार 13 दिन, 13 महीने चल कर गिर गयी हो लेकिन वे स्वयं अपने जमीर से नहीं गिरे और न ही देश के संविधान के विरुद्ध कोई कार्य किया।
आज देश में अनावश्यक घटनाक्रम को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है जिसका कोई औचित्य नहीं है यदि सरकार किसी विकास योजना का शुभारम्भ करती और विपक्ष उसका विरोध करता तो विपक्ष की आलोचना होनी चाहिए थी लेकिन वर्तमान सरकार पहले से आर्थिक रुप से पंगु हो चुकी अर्थव्यवस्था पर और अधिक बोझ लाद कर देश और समाज को बर्बाद करना चाहती है ऐसी परिस्थिति में सीएए अथवा एनआरसी जैसी योजनाओं की कोई आवश्यकता न होकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास होने चाहिए और स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर यदि सरकार ऐसा कर ले तो यही उनको सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। आज देश को स्वरोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है और महात्मा गांधी तथा अटल बिहारी वाजपेयी के साथ ही राम मनोहर लोहिया एवं जयप्रकाश नारायण जैसे नेता हुए हैं जिन्होंने देश और समाज के लिए रचनात्मक कार्य किए तो हमारी केन्द्र सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह भारत रत्न पं. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के उपलक्ष में देश एवं समाज को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए किसी स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ कर उनके आदर्शों का सम्मान करे जिस प्रकार पिछले वर्ष उनके जन्मदिवस के उपलक्ष में अटल आयुष्मान स्वास्थ्य योजना का शुभारम्भ हुआ था जिससे देश की जनता काफी राहत महसूस कर रही है। आज देश में रोजगार और व्यापार सभी के स्तर में गिरावट आयी है। 
सार्वजनिक क्षेत्र हो सरकारी अथवा अर्द्ध सरकारी सभी पर मंदी की मार है तो केन्द्र सरकार एनआरसी अथवा सीएए के स्थान पर किसी स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ कर देश की जनता को एहसास कराये कि यह सरकार जनता पर केवल कर ही नहीं बढ़ाती है बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करती है कर और रोजगार एक-दूसरे के पूरक है यदि कर बढ़ेंगे और रोजगार कम होंगे तो करों की अदायगी नहीं हो पायेगी उससे देश की आर्थिक स्थिति और सामाजिक वातावरण दोनों ही बिगड़ेंगे तो केन्द्र सरकार को स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस को साकार करने के लिए किसी नई योजना की घोषणा अवश्य करनी चाहिए।

Comments

Popular posts from this blog

चुनौती बनता जा रहा है समाचारों पत्रों का संचालन

समाचार-पत्र समाज के मार्ग दर्शक होते हैं और समाज के आईना (दर्पण) भी होते हैं, समाचार-पत्र का प्रकाशन एक ऐसा पवित्र मिशन है जो राष्ट्र एवं समाज को समर्पित होता है। समाचार-पत्र ही समाज और सरकार के बीच एक सेतु का काम करते हैं, जनता की आवाज सरकार तक तथा सरकार की योजनायें जनता तक पहुंचाकर विकास का सोपान बनते हैं। आजादी के पूर्व तथा आजादी के बाद से लगभग पांच दशक तक समाचार-पत्रों ने सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका का निर्वाह किया। 1975 में लगे आपातकाल से भी समाचार-पत्र विचलित नहीं हुए और उन्होंने अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वाह किया ऐसा तब तक ही हुआ जब तक पत्रकार ही समाचार पत्र के प्रकाशक, स्वामी एवं संपादक होते थे ऐसा अब नहीं है।  समाचार पत्रों की निष्पक्षता और निर्भीकता कुछ पंूजीपतियों को रास नहीं आयी और उन्होंने मीडिया जगत पर अपना प्रभुत्व जमाना प्रारम्भ कर दिया। पहले तो समाचार-पत्रों की जनता से पकड़ ढीली करने के लिए इलैक्ट्रोनिक मीडिया को जन्म दिया और बाद में प्रिंट मीडिया का स्वरुप बदल कर उसके मिशन को समाप्त कर व्यावसायिकता में बदल दिया। चंद पूंजीपतियों ने सरकार से सांठगांठ कर मीडिया...

गठबंधन और भाजपा के मुकाबले को त्रिकोणीय बनायेगी जविपा सेक्यूलर

राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...

परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना से हो जाते हैं असंभव कार्य भी संभव

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...