हरिद्वार। नगर निगम रुड़की के सम्पन्न हुए चुनाव में जनता ने राज्य की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस-भाजपा के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए निर्दलीय मेयर तथा पार्षदों का चयन कर अपनी मंशा से अवगत करा दिया है। हरिद्वार नगर निगम में भाजपा को पटखनी देने के बाद रुड़की की जनता ने भी नगर विकास मंत्री तथा राज्य सरकार को बता दिया है वह तानाशाही के शासन से तंग आ गयी है और किसी भी राजनैतिक दल की तुलना में वह जनता के बीच का जनप्रतिनिधि चुनने में विश्वास रखती है। रुड़की की जनता ने अपने शहर की सरकार बनाने के लिए भाजपा के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए पार्टी से बगावत करने वाले गौरव गोयल को 29080 मत प्रदान कर महापौर की पदवी सौंपी और पिछले दो चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने वाली भाजपा को धकिया कर तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया। कांग्रेस के रिशु राणा को 25629 तथा भाजपा के मयंक गुप्ता को 19142 मतों पर संतोष करना पड़ा जबकि दस में से शेष सात प्रत्याशी अपनी-अपनी जमानत राशि भी नहीं बचा पाये। 2004 में सपा से सांसद रहे राजेन्द्र बाडी ने बसपा से अपना भाग्य आजमाया और 4575 पर सिमट गए जबकि निर्दलीय सुभाष सैनी ने फोर्थ क्लास की पोजीशन दर्ज कराते हुए 4650 नागरिकों का विश्वास प्राप्त किया। आम आदमी पार्टी के अब्दुल सलाम को मात्र 435 लोगों ने ही पसंद किया तो निर्दलीय चंद्रप्रकाश वाटा 1020, स्वाती कालड़ा 640, दीपक कुमार 399 एवं आदेश त्यागी ने 290 मत प्राप्त किए। शिक्षानगरी की प्रबुद्ध जनता ने अपने शहर की सरकार चलाने के लिए चालीस में से बीस पार्षद निर्दलीय जिताये तो भाजपा के 17, कांग्रेस के दो तथा बसपा का एक पार्षद ही अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सका और राज्य निर्माण के बाद हरिद्वार से सांसद का चुनाव जीतने वाली सपा का कहीं नामोनिशान तक नजर नहीं आया। हरिद्वार जनपद के दोनों नगर निगमों हरिद्वार तथा रुड़की में हुई भाजपा की पराजय से नगर विकास मंत्री मदन कौशिक का कद पार्टी में काफी छोटा हो गया है और हरिद्वार में 2021 में आयोजित होने वाले कुम्भ पर्व में स्थायी निर्माण कार्य न कराने के कारण उन्हें 2022 में तगड़ा झटका लगने की संभावनायें प्रबल हो गयी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...
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