हरिद्वार। अन्तर्राष्ट्रीय उपभोक्ता कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामनरेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित कर हरिद्वार कुम्भ क्षेत्र को केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की मांग की है। ज्ञापन में क्रमबद्ध ढंग से राज्य निर्माण के 19 वर्ष बीतने के बाद भी कुम्भ क्षेत्र में कोई स्थायी विकास न होना तथा मांस-मदिरा से प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध शराब तथा अवैध खनन का करोबार करवा कर माफिया राज्य कायम करने का वास्ता दिया है।
प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में रामनरेश यादव ने कहा है कि यहां कुम्भ एवं अर्द्धकुम्भ के नाम पर आने वाली केन्द्रीय सहायता से कोई स्थायी विकास न होकर सारा धन तत्कालिक व्यवस्थाओं पर व्यय होना दर्शा दिया जाता है इस कार्य में राजनेता, अधिकारी तथा अखाड़े की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्हांेने उत्तराखण्ड में मैदानी तथा पर्वतीय मूल के निवासियों की संख्या लगभग बराबर होने के आंकड़े देते हुए बताया है कि यहां तैनात अधिकारी मैदानी मूल की जनता के साथ क्षेत्रवाद के आधार पर भेदभाव करते हैं तथा सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी चाहे राजस्व प्रशासन के हों या पुलिस प्रशासन के स्थानीय जनता से जमकर धन उगाही करने पर लगे हुए हैं, स्थायी विकास कार्यों पर किसी अधिकारी या विभाग का ध्यान नहीं है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ, अर्द्धकुम्भ, श्रावण मास के कांवड़ मेले सहित वर्ष पर्यन्त लगने वाले अन्य लक्खी मेलों की व्यवस्था तभी बन सकती है जब कुम्भ क्षेत्र को केन्द्र शासित घोषित कर आवश्यकतानुरुप विकास किया जाये।

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