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शासनादेश के विरुद्ध कार्य करने वाले कर्मचारी/अधिकारियों को तुरन्त हटाया जाये

हरिद्वार। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रदेश संयोजक रामनरेश यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर शासनादेश के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों को हरिद्वार से स्थानान्तरित करने की मांग की है। उन्होंने राजस्व प्रशासन पर भ्रष्टाचार एवं क्षेत्रवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि हरिद्वार तहसील में जाति, स्थायी निवास अथवा हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने वाले नागरिकों का आर्थिक शोषण हो रहा है और मनमानी रकम न देने वालों के प्रार्थना-पत्र गलत रिपोर्ट लगाकर निरस्त कर दिए जाते हैं जो शासनादेश का उल्लंघन एवं नागरिकों की हक तलफी है। 
मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन के साथ रामनरेश यादव ने कुछ पत्रों की प्रतियां भी प्रेषित की हैं जिनसे शासनादेश सं. 1118/xvii-1/2013-01(20)/2013 दिनांक 2 अप्रैल 2013 का स्पष्ट रुप से उल्लंघन करते हुए ज्वालापुर के लेखपाल तेलूराम ने अपनी आख्या प्रेषित की है। इतना ही बल्कि तहसीलदार महोदय ने उसी प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) कलक्ट्रेट हरिद्वार से विधिक राय देने के नाम पर अपनी राय देते हुए प्रमाण पत्र जारी करना न्यायहित में गलत बताया है जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का भी आदेश है कि जाति का सम्बन्ध जन्म से होता है और उसे बदला नहीं जा सकता जो बच्चा जिस जाति में पैदा होता है उसकी वही जाति रहती है। इतना ही नहीं इन अधिकारियों ने काम करने अथवा न करने के कुछ कोड बना रखे हैं उन्हीं के आधार पर अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी कार्य करते हैं। रामनरेश यादव ने अपने परिजनों के स्थायी निवास तथा जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नियमानुसार आवेदन किया था जिसे ज्वालापुर के लेखपाल तेलूराम ने निरस्त कर दिया तथा पूछने पर बताया कि यादव बाहरी जाति है तथा ऊपर से आदेश हैं कि इनका प्रमाण पत्र नहीं बन सकता। लेखपाल द्वारा आवेदन निरस्त करने के बाद रामनरेश यादव ने एक पत्र जिला अधिकारी के नाम लिखा और उनकी अनुउपलब्धता में वे अपर जिला अधिकारी ;वित्त एवं राजस्वद्ध श्री हरबीर सिंह से मिले। श्री हरबीर सिंह ने तहसीलदार हरिद्वार को उस आवेदन पर नियमानुसार कार्यवाही करने के आदेश दिए जबकि जो कार्य कराना होता है उस पर आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश दिए जाते हैं। तहसीलदार हरिद्वार ने भी अपने अधीनस्थ कानूनगो को कृ0 नियमानुसार जांच कर आख्या देने के लिए आदेशित किया तो कानूनगो ज्वालापुर ने लेखपाल को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए लिखा तो तहसीलदार ने सूचना के अधिकार में बताया कि प्रार्थना पत्र विधिक राय हेतु डाक से भेजा गया है इसी को सूचना बताकर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से सूचित कर दिया कि यदि आप संतुष्ट नहीं हैं तो तहसीलदार हरिद्वार के यहां अपील दायर करें।
रामनरेश यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शासनादेश के विपरीत कार्य करने वाले तहसीलदार हरिद्वार का स्थानान्तरण ऐसे जनपद में करें जहां उनकी क्षेत्रवादी मानसिकता प्रभावित न हो तथा ज्वालापुर के लेखपाल तेलूराम की सम्पत्तियों की जांच कराकर आय से अधिक सम्पत्ति एकत्र करने का मुकदमा दर्ज करवाने की कृपा करें।

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