देश की जनता को मोदी ने बनाया नौकरशाही का गुलाम-मायूसी, तंगहाली और बदइन्तजामी का बनाया वातावरण: भ्रष्टाचार चरम पर
हरिद्वार, 16 सितम्बर। समाजवादी पार्टी के प्रदेश संयोजक रामनरेश यादव ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पूर्व जनता से जो वादे किये थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया बल्कि जो कहा उसका उलटा किया। ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने देश को अंग्रेजों का गुलाम बनाया तो मोदी ने अपने ही देश की नौकरशाही के माध्यम से पूरे देश को लूटकर बर्बाद कर दिया। संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा समाप्त कर दी, उद्योग धन्धे चौपट कर दिए, सोना गिरवी रख दिया और रिजर्व बैंक का भी खजाना खाली कर दिया। देश में विकास सम्बन्धी कोई भी योजना संचालित नहीं, नौकरशाही देश की गरीब जनता से जुर्माना वसूलने में जुटी हुई है जो जनता अच्छे दिनों का सपना देखकर मोदी-मोदी चिल्ला रही थी वही आज खून के आंसू रो रही है। पुलिस हो या सी.बी.आई., ई.डी. हो या चुनाव आयोग सभी अपना-अपना कर्तव्य त्यागकर देश और समाज को लूटने का काम कर रहे हैं। भारत विश्व का पहला देश है जो अजीब असमंजस की स्थिति से गुजर रहा है लेकिन मोदी इस देश को किसके हवाले करने वाले हैं इसका अभी तक किसी को ज्ञान नहीं है।
विपक्ष जनता के मोदी प्रेम की उसको सजा दे रहा है जिस जनता ने पिछली सरकारों की सारी उपलब्धियों पर पानी फेर मात्र 15-15 लाख रुपये के लालच में आकर देश को ऐसे अपात्र व्यक्ति के हाथों मंे सौंप दिया जिसकी पार्टी को हमारे पूर्वजों ने आजादी के पचास सालों तक सत्ता के पास फटकने तक नहीं दिया। पहले तो जनता ने जानबूझ कर सत्ता मोदी के हाथ में सौंपी लेकिन अब जनता के भी हाथ में मोदी ने कुछ नहीं छोड़ा कि जनता उनको सत्ता से हटा दे। चीन के राष्ट्रपति की भांति ही मोदी जी जब तक इस दुनियां में है प्रधानमंत्री रहेंगे उन्हें कोई हटा नहीं सकता। मोदी जी प्रधानमंत्री बनने से पहले कभी संसद नहीं गए थे न तो लोकसभा से न ही राज्य सभा से। उन्हें देश की सत्ता संचालन का अनुभव भी नहीं था उन्होंने अपनी पार्टी के माध्यम से नहीं और न ही संघ के माध्यम से बल्कि उन्होंने देश की सत्ता पर पूंजीपतियों के माध्यम से कब्जा किया और राजनीति को राष्ट्रसेवा के स्थान पर व्यापार के रूप में प्रयोग कर देश को बर्बादी के कगार पर ला दिया।
मोदी जी ने इस देश की सत्ता के संचालन के वे सभी प्रयोग किए जो किसी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक वहां भर्ती किसी मरीज पर करते है। मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षु चिकित्सक किसी मरीज पर अपना अनुभव बढ़ाने के लिये मनमाने प्रयोग करते है और जिस प्रकार चिकित्सकों के अनावश्यक प्रयोगों से वहां भर्ती मरीज की मृत्यु हो जाती है उसी प्रकार मोदी जी ने पहले बिना किसी तैयारी के नोटबन्दी लागू की 50 दिन का समय मांगा और उस अवधि में दर्जनों संशोधन किए। उसी प्रकार जी.एस.टी. की बड़ी दर लागू कर दी जिसमें आज तक संशोधन हो रहे हैं। नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे पहला बड़ा घोटाला था इसके बाद घोटालों का जो दौर चालू हुआ उसका खुलासा तो कभी अन्य दल की सरकार बनी तभी होगा अन्यथा वर्तमान स्थिति में किसी भी व्यक्ति या राजनैतिक दल की बोलने की हिम्मत नहीं है यदि कोई बोला तो उसे देशद्रोही करार दे दिया जायेगा।
देश को किस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया इस देश की जनता अब अपने ही नौकरों की गुलाम हो रही है। जनता सरकार चुनती है सरकार जनता की होती है मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जनता का होता है, सरकार चलाने के लिये जनता करो के रूप में धन देती है जब जनता टैक्स देती है तभी सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारियों को वेतन मिलता है जिससे उनके बीबी-बच्चे रोटी खाते हैं। इन सरकारी नौकरों पर वाहन जनता के होते हैं, जिन सरकारी मकानों में रहते है वे जनता के धन से बने होेते हैं, कुछ सरकारी कर्मचारी तो कपड़े (वर्दी) भी जनता के पैसे की ही पहनते हैं। उनका कर्तव्य होता है कि वे जनता की सेवा के कार्य करें लेकिन अब उनके अन्दर लोकसेवा की भावना नहीं रह गई है वे स्वयं को अंग्रेज समझकर जनता पर शासन कर रहे है यह सब तभी से हुआ जब से महामहिम माननीय श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी इस देश के प्रधानमंत्री बने हैं। देश को बर्बादी के कगार पर पहुँचाने में जिन विभागांें ने मदद की उनमंे चुनाव आयोग, सी.बी.आई., ई.डी. और पुलिस विभाग मुख्य हैं। जो जनता की जेबों से जूते मारकर पैसा निकलवा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के ई.वी.एम. घोटाले की जांच आगामी सरकार में ही होगी तब तक जपते रहो एक ही नाम।
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