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उत्तराखण्ड में नए सिरे से विकास की बुनियाद रखेगी प्रसपा

शिवपाल सिंह यादव ने यूपी में सिंचाई मंत्री रहते उत्तराखण्ड में किया पांच सौ करोड़ का निवेश
हरिद्वार। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रदेश संयोजक रामनरेश यादव ने कहा है कि यूपी-उत्तराखण्ड एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने यूपी में सिंचाई मंत्री के रुप में उत्तराखण्ड के लिए जो कार्य किये उनको अब और विस्तार देते हुए हरिद्वार के समान ही सम्पूर्ण प्रदेश को विकसित किया जायेगा। हरिद्वार के धार्मिक महत्व एवं सुन्दरता में चार चांद लगाने में सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी का विस्तार एवं सौन्दर्यीकरण का काम उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग ही करता है और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने यूपी के सिंचाई मंत्री के रुप में 2012 से 2017 के बीच में जो कार्य किये उनसे हरिद्वार की सुन्दरता एवं सुरक्षा में चार चांद लगे हैं। शिवपाल सिंह यादवके कार्यकाल में ही कई वर्षों से क्षतिग्रस्त बड़े लालकोठी के निकट बंधे की ऐतिहासिक मरम्मत हुई जिसने 2013 की बाढ़ से हरकी पैड़ी तथा हरिद्वार दोनों की रक्षा की। वार्षिक नहर बन्दी के दौरान हरकी पैड़ी से मायापुर डामकोठी तक बने सभी पुलों के क्षतिग्रस्त पिलर्स की पिंचिंग तथा मरम्मत करवाकर किसी बड़े हादसों पर रोक लगायी। डामकोठी के निकट स्केप चैनल का निर्माण कर गंगनहर की क्षमता में ढ़ाई हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि की जिससे दिल्ली के लिए पेयजल तथा उत्तराखण्ड के दो पावर हाउसों पर विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई। डामकोठी के निकट स्केप चैनल पर भव्य घाटों का निर्माण कराया जिससे स्थानीय तथा श्रद्धालुओं के लिए उत्तम स्नान सुविधा उपलब्ध हुई। रख-रखाव के अभाव में जर्जर हो चुके वीआईपी घाट के अतिथि कक्षों की मरम्मत करवा कर उनको वीवीआईपी स्वरुप प्रदान किया। गंगनहर के संचालन तथा हरिद्वार के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए डामकोठी की तर्ज पर स्केप चैनल के बायें तट पर केशव आश्रम के निकट अति विशिष्ट निरीक्षण भवन का निर्माण कराकर उत्तराखण्ड के लिए उत्तर प्रदेश की उदारता का गौरव स्थापित किया। 2013 में केदारनाथ में आयी दैवीय आपदा के समय उन्होंने स्वयं आपदा प्रबन्धन की कमान संभालते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सर्वाधिक राहत सामग्री तथा आर्थिक सहायता प्रदान कर उत्तराखण्ड के प्रति अपनी आत्मीयता का परिचय दिया। इतना ही नहीं आपदा से आहत उत्तराखण्ड के लिए राज्य बनने के बाद से रुके राज्य कर्मचारियों के पेंशन मद में तीन सौ करोड़ की एक मुश्त धनराशि का भुगतान कराया तथा उत्तराखण्ड में मौजूद उत्तर प्रदेश की सभी नहरें तथा माइनर्स उत्तराखण्ड को हस्तातरित कर उत्तराखण्ड को उसका वाजिब हक दिलाया। 
राज्य पुनर्गठन के समय से अटकी सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियां जिनमें उत्तराखण्ड की 25 प्रतिशत भागीदारी तय हुई थी उनमें से 40 प्रतिशत से भी अधिक कालोनी तथा आवासीय परिसर उत्तराखण्ड को देकर यह सिद्ध कर दिया वे उत्तर प्रदेश की भांति ही उत्तराखण्ड की जनता से भी स्नेह रखते हैं। राज्य पुनर्गठन के बाद उत्तराखण्ड की जो परिसम्पत्तियां जिनमें अधिकांशतः सिंचाई विभाग की थीं, शिवपाल सिंह यादव ने सभी परिसम्पत्तियां उत्तराखण्ड को सौंपते हुए पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश की ओर से उत्तराखण्ड राज्य में पांच सौ करोड़ रुपये का निवेश कर एक नया इतिहास रचा जिसे उत्तराखण्ड की जनता कभी विस्मृत नहीं कर पायेगी। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण का प्रस्ताव भी उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने 1994 में बनाकर केन्द्र सरकार को भेजा था तथा रमाशंकर कौशिक तथा विनोद बड़थ्वाल के नेतृत्व में समितियां बनाकर बंटवारे की रुपरेखा भी शिवपाल सिंह यादव ने ही तय करायी थी। उस समय राज्य निर्माण के जो उद्देश्य तय किए गए उन पर 19 वर्षों में भी काम न होने पर अब शिवपाल सिंह यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नाम से एक राजनैतिक दल का गठन कर उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखण्ड के दुःख दर्द समझने की शुरुआत की है। पहाड़ के जिस दर्द को लेकर इस नए राज्य का गठन हुआ था वह सपना अधूरा रह गया पहाड़ों का विकास होने के स्थान पर राज्य के मैदानी भागों का विकास हुआ और पहाड़ों से पलायन होने के कारण आज सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्र वीरान हो गए हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) अब नए सिरे से पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए काम करेगी।

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