Skip to main content

उत्तराखण्ड प्रसपा के प्रदेश संयोजक बने रामनरेश यादव

हरिद्वार। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने हरिद्वार निवासी समाजवादी विचारक रामनरेश यादव को प्रसपा उत्तराखण्ड का प्रदेश संयोजक नामित किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव द्वारा जारी कार्यालय एम्प के माध्यम से यह मनोनयन उनके अनुभव, परिश्रम एवं सक्रियता के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य में प्रसपा (लोहिया) को गतिशीलता एवं मजबूती प्रदान करने के लिए किया गया है। 
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में उत्तराखण्ड राज्य के प्रदेश संयोजक का दायित्व स्वीकारते हुए रामनरेश यादव ने बताया कि उत्तराखण्ड भारत का सिरमौर और देश का सर्वोत्तम प्रदेश है परन्तु अपने गठन के दो दशक की पूर्णता प्राप्त करने की ओर अग्रसर इस राज्य का अपने अलग अस्तित्व में आने का सपना साकार नहीं हुआ, इसका मुख्य कारण राज्य में किसी क्षेत्रीय दल का न होना ही रहा है। किसी राज्य, देश या समाज को प्रगति के लिए आपसी सामंजस्य, समरसता तथा कर्तव्य के प्रति निष्ठा की आवश्यकता होती है लेकिन इस राज्य में कार्यपालिका एवं विधायिका दोनों ने ही मिलकर स्वार्थ के लिए कार्य किया और नए राज्य के मुद्दे गौण हो गए। प्रदेश की प्रगति के लिए अपनी प्राथमिकतायें गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का सदुपयोग कर प्रसपा पांच साल में ही राज्य को अपने पैरों पर खड़ा कर देगी तथा ऊर्जा एवं आयुष प्रदेश का सपना साकार कर राज्य को पर्यटन एवं तीर्थाटन के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सुविधाओं से सम्पन्न बनाया जायेगा। समाजवादी पार्टी में प्रदेश प्रवक्ता के पद पर कार्य कर चुके रामनरेश यादव ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव नेक इंसान हैं लेकिन उनकी नीतियां और सलाहकार अच्छे न होने के कारण पार्टी और परिवार दोनों विभाजित हो गए। उन्हांेने उत्तराखण्ड की वर्तमान स्थिति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ तथा इतने सरल हैं कि उनके मंत्री एवं अधिकारियों की गलत कार्यशैली के कारण राज्य प्रगति के पायदान पर आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने पिछले संगठन से इतर नया सांगठनिक ढांचा तैयार कर राज्य को प्रगति की ओर अग्रसर करने की योजना तैयार की है। 

Comments

Popular posts from this blog

परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना से हो जाते हैं असंभव कार्य भी संभव

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...

राम और रावण ने संयुक्त रुप से की रामेश्वरम् में ज्योतिर्लिंग की स्थापना

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी ने 3 अक्टूबर से प्रारम्भ हुए रामलीला रुपी अनुष्ठान की अंतिम बेला में आज सेतुबन्ध रामेश्वरम् में ज्योतिर्लिंग की उस अद्भुत स्थापना का दृश्य प्रस्तुत किया जिसमें भगवान श्रीराम तथा रावण ने संयुक्त रुप से शिवोपासना कर धर्म एवं अध्यात्म के माध्यम से वैर भावना को भुलाने का संदेश दिया रामलीला का यह दृश्य चरित्र एवं मर्यादा की उस सीमा का पर्याय बन गया जब श्रीराम ने रावण को मुक्ति का वरदान दिया तो रावण ने राम को आसन्न युद्ध में विजयी होने का आशीर्वाद दिया। रावण विद्वान, बलशाली, अहंकारी के साथ कर्मवीर भी था जिसने अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए न किसी की राय मानी न ही अनुरोध। रावण दूरदृष्टा भी था इसीलिए उसने भाई विभीषण को लंका से निकाल दिया जो रामादल में सम्मिलित होकर लंका का राजा बना। रामलीला के बहुप्रतीक्षित अंगद-रावण संवाद की भी जमकर सराहना हुई। भगवान राम ने युद्ध के अंतिम क्षणों में भी शांतिदूत के रुप में अंगद को रावण के पास भेजा लेकिन रावण ने जानकी को देने के स्थान पर जान की बाजी देने का अपना निर्णय नहीं टाला और दोनों ओर से युद्ध की घोषणा हो गयी। श्रीरा...

गठबंधन और भाजपा के मुकाबले को त्रिकोणीय बनायेगी जविपा सेक्यूलर

राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...