सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव के शिलान्यास पत्थर को हटाया गया तो होगा आन्दोलन
हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता तथा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रदेश संयोजक रामनरेश यादव ने कहा कि भाजपा विकास कार्यों में सहयोग न देकर दूसरी सरकार के कार्यों का श्रेय लेने का काम करती है जबकि भाजपा सरकार में गंगा स्वच्छता सहित बनायी गई अनेकों योजनाएं भ्रष्टाचार की बदबू से दूषित हो गयी हैं। भाजपा का उद्देश्य राष्ट्र और समाज का विकास न होकर सत्ता और शोहरत के लिए काम करना होता है इसीलिए डामकोठी बैराज तथा केशव आश्रम के पास बन रहे उत्तर प्रदेश सरकार के अतिविशिष्ट श्रेणी के निरीक्षण भवन का शिलान्यास करने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव का शिलान्यास पत्थर हटाकर उद्घाटन करने वाले का पत्थर लगाने की तैयारियां की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गत 22 फरवरी 2016 को लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिविशिष्ट श्रेणी के निरीक्षण भवन का शिलान्यास किया था जिसका निर्माण एक वर्ष में पूर्ण होना था लेकिन 2017 में सरकार बदल जाने के बाद यूपी में भाजपा सरकार आ गयी थी जिसने निरीक्षण भवन का निर्माण कार्य रुकवा दिया था। विदित हो उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग की हरिद्वार में अनेकों परिसम्पत्तियां हैं और पूरे विश्व में गंगा को हरिद्वार के आकर्षण का केन्द्र बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का बहुत बड़ा योगदान है। विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी, वीआईपी घाट तथा भीमगोडा बैराज सहित गंगा नदी के दोनों किनारों पर लगभग 20 किमी. लम्बे घाट बनाकर हरिद्वार को विश्व स्तर पर पर्यटक एवं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। अब चूंकि हरिद्वार उत्तर प्रदेश सरकार का हिस्सा न रहकर उत्तराखण्ड में सम्मिलित कर दिया गया है, फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार का हरिद्वार एवं गंगा के प्रति श्रद्धा का भाव कम नहीं हुआ है। गंगनहर निर्माण के समय अंग्रेजों द्वारा बनाई गई डामकोठी न. 1 तथा लालकोठी सहित सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की हरिद्वार में 6 कोठियां हैं जिनमें जनसंख्या के हिसाब से उत्तराखण्ड का हिस्सा 25 प्रतिशत तय किया गया था लेकिन वर्तमान में 6 में से 3 कोठियां उत्तराखण्ड के पास हैं और पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा बनाये गए होटल अलकनन्दा के भी उत्तराखण्ड में चले जाने के बाद हरिद्वार में यूपी सरकार का कोई निरीक्षण भवन नहीं रहा गया था उसी कमी को पूर्ण करने तथा अपनी परिसम्पत्तियों की निगरानी हेतु यूपी के सपा सरकार में सिंचाई मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने इस अतिविशिष्ट श्रेणी के निरीक्षण भवन के शिलान्यास का पत्थर लगवाया था जिसे अब भाजपा सरकार में हटाने की सुगबुगाहट चल रही है। भाजपा दूसरी सरकारों की योजनाओं में स्वयं का श्रेय लेने में माहिर है और यदि निरीक्षण भवन से शिलान्यासकर्ता का पत्थर हटाया गया तो देश के गौरवशाली अतीत से खिलवाड़ करने वाली भाजपा पहले नम्बर की पार्टी बन जायेगी और एक ऐसी परम्परा का जन्म हो जायेगा जो सरकार बदलने के बाद पत्थर बदलने में ही सरकारी धन के दुरुपयोग को बढ़ावा देने के रुप में जानी जायेगी। समाजवादी विचारक रामनरेश यादव ने सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आगाह किया है कि वे शिलान्यास पत्थर को हटाने का दुस्साहस न करें अन्यथा इसका खामियाजा वे स्वयं भुगतने के लिए तैयार रहे।
हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता तथा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रदेश संयोजक रामनरेश यादव ने कहा कि भाजपा विकास कार्यों में सहयोग न देकर दूसरी सरकार के कार्यों का श्रेय लेने का काम करती है जबकि भाजपा सरकार में गंगा स्वच्छता सहित बनायी गई अनेकों योजनाएं भ्रष्टाचार की बदबू से दूषित हो गयी हैं। भाजपा का उद्देश्य राष्ट्र और समाज का विकास न होकर सत्ता और शोहरत के लिए काम करना होता है इसीलिए डामकोठी बैराज तथा केशव आश्रम के पास बन रहे उत्तर प्रदेश सरकार के अतिविशिष्ट श्रेणी के निरीक्षण भवन का शिलान्यास करने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव का शिलान्यास पत्थर हटाकर उद्घाटन करने वाले का पत्थर लगाने की तैयारियां की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गत 22 फरवरी 2016 को लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिविशिष्ट श्रेणी के निरीक्षण भवन का शिलान्यास किया था जिसका निर्माण एक वर्ष में पूर्ण होना था लेकिन 2017 में सरकार बदल जाने के बाद यूपी में भाजपा सरकार आ गयी थी जिसने निरीक्षण भवन का निर्माण कार्य रुकवा दिया था। विदित हो उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग की हरिद्वार में अनेकों परिसम्पत्तियां हैं और पूरे विश्व में गंगा को हरिद्वार के आकर्षण का केन्द्र बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का बहुत बड़ा योगदान है। विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी, वीआईपी घाट तथा भीमगोडा बैराज सहित गंगा नदी के दोनों किनारों पर लगभग 20 किमी. लम्बे घाट बनाकर हरिद्वार को विश्व स्तर पर पर्यटक एवं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। अब चूंकि हरिद्वार उत्तर प्रदेश सरकार का हिस्सा न रहकर उत्तराखण्ड में सम्मिलित कर दिया गया है, फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार का हरिद्वार एवं गंगा के प्रति श्रद्धा का भाव कम नहीं हुआ है। गंगनहर निर्माण के समय अंग्रेजों द्वारा बनाई गई डामकोठी न. 1 तथा लालकोठी सहित सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की हरिद्वार में 6 कोठियां हैं जिनमें जनसंख्या के हिसाब से उत्तराखण्ड का हिस्सा 25 प्रतिशत तय किया गया था लेकिन वर्तमान में 6 में से 3 कोठियां उत्तराखण्ड के पास हैं और पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा बनाये गए होटल अलकनन्दा के भी उत्तराखण्ड में चले जाने के बाद हरिद्वार में यूपी सरकार का कोई निरीक्षण भवन नहीं रहा गया था उसी कमी को पूर्ण करने तथा अपनी परिसम्पत्तियों की निगरानी हेतु यूपी के सपा सरकार में सिंचाई मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने इस अतिविशिष्ट श्रेणी के निरीक्षण भवन के शिलान्यास का पत्थर लगवाया था जिसे अब भाजपा सरकार में हटाने की सुगबुगाहट चल रही है। भाजपा दूसरी सरकारों की योजनाओं में स्वयं का श्रेय लेने में माहिर है और यदि निरीक्षण भवन से शिलान्यासकर्ता का पत्थर हटाया गया तो देश के गौरवशाली अतीत से खिलवाड़ करने वाली भाजपा पहले नम्बर की पार्टी बन जायेगी और एक ऐसी परम्परा का जन्म हो जायेगा जो सरकार बदलने के बाद पत्थर बदलने में ही सरकारी धन के दुरुपयोग को बढ़ावा देने के रुप में जानी जायेगी। समाजवादी विचारक रामनरेश यादव ने सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आगाह किया है कि वे शिलान्यास पत्थर को हटाने का दुस्साहस न करें अन्यथा इसका खामियाजा वे स्वयं भुगतने के लिए तैयार रहे।

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