Skip to main content

प्रगति का पैगाम लेकर चुनाव मैदान में उतरी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी : फुरकान अली

हरिद्वार। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रत्याशी फुुरकान अली एडवोकेट ने कहा है कि प्रसपा राज्य की प्रगति का पैगाम लेकर चुनाव मैदान में उतरी है जबकि 18 वर्षों तक उत्तराखण्ड में नया राज्य निर्माण का उद्देश्य गायब कर सत्ता पर काबिज रहे दलों ने अपनी-अपनी जेबें भरने का काम किया है यह बात उन्होंने खादर क्षेत्र में घर-घर जाकर किए जनसंपर्क अभियान में मतदाताओं के समक्ष रखी।
राष्ट्रीय दलों की तुलना में क्षेत्रीय दलों को राज्य के विकास का हिमायती बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को मिलकर बारी-बारी से लूटने वाले दलों के पास जुमलेबाजी के अलावा कोई विकास का मुद्दा नहीं है दोनों दल मतदाताओं को भिखारी, मोहताज और बेचारा बताकर वोट लेते हैं जबकि प्रसपा आम जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर स्वामिभानी, समृद्ध एवं सुविधा सम्पन्न बनाने के मुद्दे पर जनता के बीच में है। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में सुदूरवर्ती ग्रामों को आज भी सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सब हरिद्वार से बाहर के प्रत्याशियों को चुनाव जिताने का नतीजा है। उन्होंने सभी साथियों से अपने बीच के प्रत्याशी का चयन करने का आह्नान करते हुए कहा कि कुछ लोग मतदाताओं को तरह-तरह के लालच देकर उनको लुभाने का काम कर रहे हैं यह सब वोट लेने के क्षणिक हथकण्डे हैं जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने सम्पूर्ण खादर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक ग्रामों का दौरा कर सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। जन संपर्क अभियान में उनके साथ मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता रामनरेश यादव, चौ. संसार सिंह, कारी मेहरबान अली, इरफान भट्टी, अरविन्द गुर्जर, रवि सिंह, मौ. हलीम, मुरसलीम, तालिब प्रधान, मौ. यासीन, नसीम अहमद, इस्तेखार अहमद एडवोकेट, मेहरबान अली, शहजाद अहमद, इलियास अहमद, इरफान अहमद, अरबाज अली तथा मासूम अली सहित दर्जनों कार्यकर्त्ताओं के साथ सभी ग्रामीणों ने स्वयं फुरकान अली के साथ घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया।

Comments

Popular posts from this blog

परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना से हो जाते हैं असंभव कार्य भी संभव

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...

राम और रावण ने संयुक्त रुप से की रामेश्वरम् में ज्योतिर्लिंग की स्थापना

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी ने 3 अक्टूबर से प्रारम्भ हुए रामलीला रुपी अनुष्ठान की अंतिम बेला में आज सेतुबन्ध रामेश्वरम् में ज्योतिर्लिंग की उस अद्भुत स्थापना का दृश्य प्रस्तुत किया जिसमें भगवान श्रीराम तथा रावण ने संयुक्त रुप से शिवोपासना कर धर्म एवं अध्यात्म के माध्यम से वैर भावना को भुलाने का संदेश दिया रामलीला का यह दृश्य चरित्र एवं मर्यादा की उस सीमा का पर्याय बन गया जब श्रीराम ने रावण को मुक्ति का वरदान दिया तो रावण ने राम को आसन्न युद्ध में विजयी होने का आशीर्वाद दिया। रावण विद्वान, बलशाली, अहंकारी के साथ कर्मवीर भी था जिसने अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए न किसी की राय मानी न ही अनुरोध। रावण दूरदृष्टा भी था इसीलिए उसने भाई विभीषण को लंका से निकाल दिया जो रामादल में सम्मिलित होकर लंका का राजा बना। रामलीला के बहुप्रतीक्षित अंगद-रावण संवाद की भी जमकर सराहना हुई। भगवान राम ने युद्ध के अंतिम क्षणों में भी शांतिदूत के रुप में अंगद को रावण के पास भेजा लेकिन रावण ने जानकी को देने के स्थान पर जान की बाजी देने का अपना निर्णय नहीं टाला और दोनों ओर से युद्ध की घोषणा हो गयी। श्रीरा...

गठबंधन और भाजपा के मुकाबले को त्रिकोणीय बनायेगी जविपा सेक्यूलर

राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...