बरेली। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय महासचिव एन.एस. यादव ने कहा है कि गांव भारत की आत्मा है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर देश की जनता के प्रति जवाबदेही के लिए ब्लाक स्तर पर मिनी सचिवालयों का गठन कर गांव-गांव में भारत के विकास की बुनियाद रखेगी। वे आज गोरखपुर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव के चुनाव क्षेत्र की समीक्षा के बाद कार्यकर्त्ताओं की आवश्यक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी कृषि एवं कृषकों को विकास से अछूता बताते हुए उन्हांेने कहा कि गांव का दर्द तो गांव के लाल ही जानते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे को सार्थक बनाने का आवाह्न करते हुए उन्हांेने कहा कि अन्नदाता किसान ही अपनी मेहनत की कमाई से खाद्यान्न उत्पादन कर देश का पालन पोषण करता है और किसान का बेटा ही सेना में जवान बनकर राष्ट्र की रक्षा करता है जिससे पूरा देश भरपेट भोजन कर निर्भय होकर चैन की नींद सोता है। जन विकास पार्टी सेक्यूलर को देश के किसान एवं ग्रामीण आंचल से जुड़े मेहनतकशों की पार्टी बताते हुए यादव ने कहा कि हमारी पार्टी अब किसान और जवान को उपेक्षित नहीं रहने देगी।
देश की सत्ता पर अब तक काबिज रहे राजनैतिक दलों पर जवान और किसान की घोर उपेक्षाओं का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान के उत्पाद का तो सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है उसमें भी बिचौलियों की साझेदारी होती है जबकि उद्योगपति अपने उत्पादों पर एम.आर.पी. (अधिकतम खुदरा मूल्य) अंकित करते हैं। उनके उत्पाद लागत से चार-पांच गुनी अधिक कीमत पर बिकते हैं जबकि कृषि उपज के मूल्य में कृषक की मजदूरी सम्मिलित नहीं की जाती है। हमारी पार्टी अब नए संकल्प के साथ नए भारत का निर्माण करेगी जिसका शुभारम्भ ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाक स्तर से किया जायेगा।
2019 के लोकसभा चुनाव को तानाशाही और पूंजीपतियों के संरक्षण दाताओं का अन्तिम चुनाव बताते हुए उन्होंने कहा कि शहर और पूंजीपतियों का विकास तो बहुत हो चुका है अब गांव देहात की बारी है और भविष्य में भारत की जनता उसी प्रत्याशी को वोट देगी जो कृषि, किसान, जवान और गांवों के विकास की योजनाओं के आधार पर जनता के बीच में आयेगा। वर्तमान चुनाव के आरोप-प्रत्यारोप तथा विकास के लिए मुद्दा विहीन बताते हुए कहा कि यह हमारी पार्टी का पहला चुनाव है और आगामी चुनाव से पार्टी वृहद रुप से जनता के बीच जायेगी।
आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी कृषि एवं कृषकों को विकास से अछूता बताते हुए उन्हांेने कहा कि गांव का दर्द तो गांव के लाल ही जानते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे को सार्थक बनाने का आवाह्न करते हुए उन्हांेने कहा कि अन्नदाता किसान ही अपनी मेहनत की कमाई से खाद्यान्न उत्पादन कर देश का पालन पोषण करता है और किसान का बेटा ही सेना में जवान बनकर राष्ट्र की रक्षा करता है जिससे पूरा देश भरपेट भोजन कर निर्भय होकर चैन की नींद सोता है। जन विकास पार्टी सेक्यूलर को देश के किसान एवं ग्रामीण आंचल से जुड़े मेहनतकशों की पार्टी बताते हुए यादव ने कहा कि हमारी पार्टी अब किसान और जवान को उपेक्षित नहीं रहने देगी।
देश की सत्ता पर अब तक काबिज रहे राजनैतिक दलों पर जवान और किसान की घोर उपेक्षाओं का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान के उत्पाद का तो सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है उसमें भी बिचौलियों की साझेदारी होती है जबकि उद्योगपति अपने उत्पादों पर एम.आर.पी. (अधिकतम खुदरा मूल्य) अंकित करते हैं। उनके उत्पाद लागत से चार-पांच गुनी अधिक कीमत पर बिकते हैं जबकि कृषि उपज के मूल्य में कृषक की मजदूरी सम्मिलित नहीं की जाती है। हमारी पार्टी अब नए संकल्प के साथ नए भारत का निर्माण करेगी जिसका शुभारम्भ ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाक स्तर से किया जायेगा।
2019 के लोकसभा चुनाव को तानाशाही और पूंजीपतियों के संरक्षण दाताओं का अन्तिम चुनाव बताते हुए उन्होंने कहा कि शहर और पूंजीपतियों का विकास तो बहुत हो चुका है अब गांव देहात की बारी है और भविष्य में भारत की जनता उसी प्रत्याशी को वोट देगी जो कृषि, किसान, जवान और गांवों के विकास की योजनाओं के आधार पर जनता के बीच में आयेगा। वर्तमान चुनाव के आरोप-प्रत्यारोप तथा विकास के लिए मुद्दा विहीन बताते हुए कहा कि यह हमारी पार्टी का पहला चुनाव है और आगामी चुनाव से पार्टी वृहद रुप से जनता के बीच जायेगी।

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