Skip to main content

संतत्व की दिव्यता की प्रतिमूर्ति थे स्वामी सुधर्मानन्द सरस्वती: हरिओम आचार्य

हरिद्वार। श्रीगीता विज्ञान आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि संत का जीवन धर्म एवं समाजसेवा को समर्पित होता है और गीता सृष्टि का एकमात्र ऐसा ग्रन्थ है जिसका अनुसरण सम्पूर्ण विश्व करता है वे आज विष्णु गार्डन स्थित श्रीगीता विज्ञान आश्रम में गीता आश्रम के श्रीमहंत स्वामी सुधर्मानन्द सरस्वती के श्रद्धाजंलि समारोह को अध्यक्षीय पद से सम्बोधित कर रहे थे।
ब्रह्मलीन संत स्वामी सुधर्मानन्द सरस्वती को गीता के मूर्धन्य विद्वान स्वामी वेदव्यासानन्द सरस्वती की गुरु-शिष्य परम्परा का सच्चा संवाहक बताते हुए उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव ने धर्म एवं समाजसेवा के जिन प्रकल्पों का शुभारम्भ किया था उनका स्वामी सुधर्मानन्द सरस्वती ने सफल संचालन करते हुए धर्म एवं संस्कृति को उन्नति के नए आयाम प्रदान किए। हरिओम आचार्य ने स्वामी सुधर्मानन्द सरस्वती की धर्म सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि योग्य गुरु को ही सुयोग्य शिष्य की प्राप्ति होती है और स्वामी सुधर्मानन्द सरस्वती ने संतत्व की दिव्यता एवं सरलता की जो मिशाल कायम की उससे गीता आश्रम की पूरे विश्व में प्रतिष्ठा बढ़ी है। गीता आश्रम में धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार के कार्यक्रमों में किए गए विस्तार का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आश्रम में आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे पूर्व आश्रमस्थ संत, ब्रह्मचारी, आचार्यों तथा स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती वेद विद्यालय के विद्यार्थियों ने गीता के आठवें अध्याय का पाठ कर ब्रह्मलीन संत को श्रद्धासुमन अर्पित कर गुरु शिष्य परम्परा के संवर्द्धन की कामना की। इस अवसर पर कोठारी महंत शियाराम, संत आत्मानन्द, रविन्द्र शर्मा एवं दिनेशचंद शास्त्री ने भी श्रद्धाजंलि सभा में विचार व्यक्त किए। सभा का संचालन दिनेशचंद शास्त्री ने तथा अध्यक्षता म.मं. स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज ने की।

Comments

Popular posts from this blog

गठबंधन और भाजपा के मुकाबले को त्रिकोणीय बनायेगी जविपा सेक्यूलर

राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...

उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सपनों को साकार करेगी प्रसपा: फुरकान अली एडवोकेट

हरिद्वार ।   प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रत्याशी फुरकान अली एडवोकेट के मुख्य चुनाव कार्यालय का उद्घाटन आज ज्वालापुर रेलवे फाटक के निकट शारदानगर स्थित कैम्प कार्यालय पर हाजी सरफुद्दीन तथा चौ. संसार सिंह एवं चुनाव प्रभारी बलजीत कौर ने संयुक्त रुप से रिबन काटकर करते हुए उत्तराखण्ड में राज्य निर्माण का सपना साकार करने वाले क्षेत्रीय दल का आगाज किया। उद्घाटन सभा को सम्बोधित करते हुए हाजी सरफुद्दीन ने कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी समाजवाद के माध्यम से उत्तराखण्ड को प्रगति के मार्ग पर प्रशस्त करेगी। लोकसभा चुनाव को उत्तराखण्ड की संसद में आवाज उठाने का शुभारम्भ बताते हुए कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी डॉ. राम मनोहर लोहिया की विचारधारा को मूर्त रुप देकर राज्य के गरीब, मजदूर एवं किसानों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करेगी। उत्तराखण्ड राज्य में कृषि एवं कृषक की अनदेखी को राज्य के पिछड़ने का मुख्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अब तक सत्तासीन रहे राजनैतिक दलों ने नए राज्य के उद्देश्यों को दरकिनार कर अपनी जेबें भरने के अलावा कुछ नहीं किया। परिणाम स्वरुप पहाड़ों से हुए पलायन...

परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना से हो जाते हैं असंभव कार्य भी संभव

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...