हरिद्वार। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रत्याशी फुरकान अली एडवोकेट ने कहा है कि प्रसपा उत्तराखण्ड राज्य की प्रगति का माध्यम बनेगी जिसकी शुरुआत हरिद्वार से हो रही है। चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद आज शारदानगर स्थित कैम्प कार्यालय पर कार्यकर्त्ताओं के साथ चुनाव प्रचार की रणनीति पर विचार करते हुए उन्हांेने कहा कि कैम्प कार्यालय को ही मुख्य चुनाव कार्यालय के रुप में प्रयोग किया जायेगा जिसका उद्घाटन 01 अप्रैल को दोपहर 2 बजे होगा।
राज्य की प्रगति के लिए क्षेत्रीय दलों के योगदान की महत्ता बताते हुए उन्हांेने कहा कि राष्ट्रीय दल केवल राजनैतिक लाभ लेने के लिए चुनाव लड़ते हैं जबकि क्षेत्रीय दलों का एजेण्डा विकास का होता है। नए राज्य को 18 वर्ष बीतने के बाद भी किसी नेता ने आज तक उत्तराखण्ड की आवाज संसद में नहीं उठायी परिणाम स्वरुप राज्य पलायन, बेरोजगारी के साथ ही शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उत्तराखण्ड की अब तक हुई दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक सत्ता पर काबिज रहे दलों ने राज्य से कृषि और कृषक दोनों को समाप्त करने का काम किया है। पहाड़ों से कृषि समाप्त होने तथा कुटीर उद्योग तथा स्वरोजगार के साधन न होने से पलायन बढ़ा जिसका भार मैदानी क्षेत्रों पर बढ़ने से राज्य का कृषि क्षेत्र कम हुआ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हमारी पार्टी लोकसभा में उत्तराखण्ड की आवाज बनेगी और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य तथा उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को सरकारी कर्मचारियों के समकक्ष वेतन दिलाया जायेगा। प्रसपा के मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता रामनरेश यादव ने लोकसभा क्षेत्र के समस्त चौदह विधानसभाओं के लिए प्रचार शैड्यूल जारी किया।
राज्य की प्रगति के लिए क्षेत्रीय दलों के योगदान की महत्ता बताते हुए उन्हांेने कहा कि राष्ट्रीय दल केवल राजनैतिक लाभ लेने के लिए चुनाव लड़ते हैं जबकि क्षेत्रीय दलों का एजेण्डा विकास का होता है। नए राज्य को 18 वर्ष बीतने के बाद भी किसी नेता ने आज तक उत्तराखण्ड की आवाज संसद में नहीं उठायी परिणाम स्वरुप राज्य पलायन, बेरोजगारी के साथ ही शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उत्तराखण्ड की अब तक हुई दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक सत्ता पर काबिज रहे दलों ने राज्य से कृषि और कृषक दोनों को समाप्त करने का काम किया है। पहाड़ों से कृषि समाप्त होने तथा कुटीर उद्योग तथा स्वरोजगार के साधन न होने से पलायन बढ़ा जिसका भार मैदानी क्षेत्रों पर बढ़ने से राज्य का कृषि क्षेत्र कम हुआ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हमारी पार्टी लोकसभा में उत्तराखण्ड की आवाज बनेगी और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य तथा उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को सरकारी कर्मचारियों के समकक्ष वेतन दिलाया जायेगा। प्रसपा के मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता रामनरेश यादव ने लोकसभा क्षेत्र के समस्त चौदह विधानसभाओं के लिए प्रचार शैड्यूल जारी किया।
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