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शिव-शक्ति के संरक्षण में होता है सृष्टि का संचालन : संतोषी माता

हरिद्वार। शक्ति उपासना ट्रस्ट की परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर संतोषी माता जी महाराज ने कहा है कि शिव और शक्ति के संरक्षण में सृष्टि का संचालन होता है और शिव ही एकमात्र ऐसी दैवीय शक्ति हैं जिनकी कृपा से देव तथा दानव दोनों उपकृत होते हैं। वे आज सन्यास मार्ग स्थित मां संतोषी आश्रम में महाशिवरात्रि के उपलक्ष में आयोजित विशाल शिवोपासना समागम में शिव और शक्ति की महिमा का वर्णन कर रही थीं।
शिवोपासना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए म.मं. संतोषी माता ने कहा कि विश्व में सर्वाधिक उपासक भगवान शिव के हैं जो मात्र जलाभिषेक से प्रसन्न होकर भक्तों को इच्छित वरदान देते हैं। भगवान शिव को गंगाजल से प्रसन्न होने वाला भगवान बताते हुए उन्होंने कहा कि शिव शंकर के नाम जाप में ही इतनी शक्ति है उनके बीजमंत्र का उच्चारण करने वाला सैकड़ों किमी की पैदल यात्रा की शक्ति प्राप्त कर लेता है और जो भक्त भगवान भोलेनाथ की कांवड़ यात्रा में सम्मिलित हो जाता है वह तन, मन और धन धान्य से सुखी हो जाता है। सनातन धर्म को सृष्टि का सर्वोत्कृष्ट धर्म बताते हुए उन्होंने बताया कि इस धर्म के सभी पर्वों का वैज्ञानिक महत्व है जो हमारे ऋषि-मुनियों ने अपनी सैकड़ों-हजारों वर्षों की तपस्या एवं अनुभव के आधार पर निर्धारित किए हैं। वर्ष में दो बार महाशिवरात्रि और दो बार पड़ने वाले प्रकट नवरात्रों को तन और मन की शुद्धि के साथ ही वैचारिक शुद्धता तथा संस्कारित जीवन के प्रतीक बताते हुए कहा कि इन्हीं विशिष्टताओं के कारण सम्पूर्ण विश्व सनातन धर्म और उसके अनुयायी तथा धर्मगुरुओं का सम्मान करता है। शक्ति उपासना ट्रस्ट के प्रबन्ध न्यासी अशोक शाडिल्य ने सभी शिव भक्तों को भगवान शिव के अनुष्ठान तथा चार प्रहर की पूजा कर प्रसाद प्रदान करते हुए सुखमय जीवन एवं उज्जवल भविष्य की कामना की।

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