हरिद्वार 4 फरबरी । समाजवादी विचारक तथा पत्रकार राम नरेश यादव ने कहा है कि देश की व्यवस्था संविधान से चलती है लेकिन धर्मनिरपेक्ष देश को जाति धर्म एवं हिन्दू मुस्लिम में बांट कर संवैधानिक व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है । पूरा पूरा विकास की ओरपूरा बढ़ रहा है लेकिन भारत की जनता का ध्यान विकास से हटाकर उसको व्यर्थ के मसलों में उलझाया जा रहा है यह संघ की बहुत बड़ी साजिश है जिसको समय रहते पूरा नहीं किया गया तो देश दोबारा गुलामी और गरीबी के गर्त में समा जायेगा । देश की जनता ने जिस उम्मीद के साथ 2014 मे नई सरकार का चयन किया था उसने न केवल जनता को निराश किया बल्कि संस्कार, संस्कृति, संबिधान एवं संबैधानिक संस्थाओं की गरिमा, सभी को पलीता लगा दिया । देश की आर्थिक समानता, बेरोजगारी एवं सामाजिक तथा धार्मिक एकता सभी को बड़ा खतरा उत्पन्न किया जा रहा है । देश के धर्म निरपेक्ष स्वरूप को बदल कर इतना धार्मिक उन्माद फैला दिया गया कि यदि तत्काल राहत नहीं मिली तो देश साम्प्रदायिकता की आग में झुलस जायेगा । देश की जनता में विकास कार्यो से ध्यान हटा कर भेदभाव एवं प्रतिशोध की भावना का प्रादुर्भाव किया जा रहा है । नेता नेताओं के दुश्मन बन रहे ,पुलिस सी बी आई की दुश्मन बन रही सरकार गरीब, वेरोजगार, मजदूर तथा किसान की दुश्मन बन रही । प्यार और आत्मीयता सम्पूर्ण समाज से समाप्त कर दी गई, ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय ही देश को बचा सकते हैं ।
हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...
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