हरिद्वार, २७ जनवरी। गणतंत्रता दिवस के मौक़े पर हरिद्वार स्थित पूर्वी गंगा के मंडल कार्यालय में आयोजित समारोह में बोलते हुए पूर्वी गंगा के अधिशासी अभियंता श्री विजय वीर सिंह यादव ने भारत के संविधान की ख़ूबियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा संविधान अधिकारों के साथ साथ कर्तव्य का भी बोध करता है। श्री विजय वीर ने संविधान में उल्लिखित प्रस्तावना पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत के संविधान की मूल भावना से छेड़ छाड़ की सम्भावना को समाप्त करने के उद्देश्य से लिखी गई प्रस्तावना वास्तव में संविधान की आत्मा है। इस मौक़े पर उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि यदि हम सब सरकार द्वारा प्रदत्त उत्तरदायित्वों का निर्वहन शिद्दत के साथ करते रहें तो यही संविधान के प्रति सच्चा सम्मान होगा। भारी संख्या में उपस्थित कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने संविधान सभा के सभी सदस्यों और ड्राफ़्टिंग समिति के अध्यक्ष बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के संविधान निर्माण में योगदान को याद किया।
समाचार-पत्र समाज के मार्ग दर्शक होते हैं और समाज के आईना (दर्पण) भी होते हैं, समाचार-पत्र का प्रकाशन एक ऐसा पवित्र मिशन है जो राष्ट्र एवं समाज को समर्पित होता है। समाचार-पत्र ही समाज और सरकार के बीच एक सेतु का काम करते हैं, जनता की आवाज सरकार तक तथा सरकार की योजनायें जनता तक पहुंचाकर विकास का सोपान बनते हैं। आजादी के पूर्व तथा आजादी के बाद से लगभग पांच दशक तक समाचार-पत्रों ने सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका का निर्वाह किया। 1975 में लगे आपातकाल से भी समाचार-पत्र विचलित नहीं हुए और उन्होंने अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वाह किया ऐसा तब तक ही हुआ जब तक पत्रकार ही समाचार पत्र के प्रकाशक, स्वामी एवं संपादक होते थे ऐसा अब नहीं है। समाचार पत्रों की निष्पक्षता और निर्भीकता कुछ पंूजीपतियों को रास नहीं आयी और उन्होंने मीडिया जगत पर अपना प्रभुत्व जमाना प्रारम्भ कर दिया। पहले तो समाचार-पत्रों की जनता से पकड़ ढीली करने के लिए इलैक्ट्रोनिक मीडिया को जन्म दिया और बाद में प्रिंट मीडिया का स्वरुप बदल कर उसके मिशन को समाप्त कर व्यावसायिकता में बदल दिया। चंद पूंजीपतियों ने सरकार से सांठगांठ कर मीडिया...
Comments
Post a Comment