हरिद्वार, 27 जनवरी। गणतंत्रता दिवस के मौक़े पर हरिद्वार स्थित पूर्वी गंगा के मण्डल कार्यालय पर ध्वजारोहण करते हुए अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार पाण्डुवाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस गण की रक्षा एवं सेवा करने के लिए तंत्र की मजबूती के संकल्प का पर्व है जिस देश का तंत्र जितना मजबूत होगा वह देश उतना ही शक्तिशाली और समृद्धशाली बनेगा।
उन्होंने सभी अधीनस्थों को कर्तव्य परायण बनकर भारत के संविधान के अनुरूप सेवा भावना का संकल्प दिलाया।
इस मौक़े पर पूर्वी गंगा के अधिशासी अभियंता विजयवीर सिंह यादव भी उपस्थित रहे एवं अपने विचार व्यक्त करते हुए भारत के संविधान के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सहायक अभियंता आनन्द प्रकाश, ज़िलेदार संजय बत्रा, जूनियर इंजीनियर विनय गोयल तथा रश्मि अग्रवाल इत्यादि ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्रभक्ति से जुड़ने का आह्वान किया।
सफल कार्यक्रम की पूर्ण व्यवस्था जूनियर इंजीनियर मुख्यालय विनय गोयल द्वारा की गई। अधीक्षण अभियंता श्री पाण्डवाल द्वारा कार्यक्रम में भारी संख्या में कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की गयी।
हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...
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