हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता रामनरेश यादव ने कहा है कि भाजपा की केन्द्र तथा राज्य सरकारें किसान विरोधी हैं जो किसानों की उपज का वाजिब मूल्य न देकर अन्नदाता का शोषण कर रही हैं। उत्तराखण्ड में गन्ना कृषकों की हो रही दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने गन्ने का लागत मूल्य बढ़ाकर किसान की मांग के अनुरुप क्रय पर्ची जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
रामनरेश यादव ने केन्द्र तथा राज्य सरकारों के समक्ष किसानों का पक्ष रखते हुए कहा कि भारत को खाद्यान्न के लिए आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किसान ने ही किया है किसान के बेटे ही सेना में और सरकारी सेवा में हैं लेकिन किसान आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते हुए आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। किसान की समस्या ही देश की समस्या है जिस दिन किसान की समस्याओं का समाधान हो गया उसी दिन देश खुशहाल हो जायेगा और देश के सामने से सत्तर प्रतिशत बेरोजगारी की समस्या समाप्त हो जायेगी। शिक्षित नवयुवक जब कृषि की बागडोर संभालेंगे तो कृषि को वैज्ञानिक स्वरुप प्राप्त होगा और भारत विश्व का सर्वाधिक साधन सम्पन्न राष्ट्र बन जायेगा। भारत की सत्तर प्रतिशत आबादी को ही भारत का भाग्य विधाता बताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत की सत्तर प्रतिशत आबादी कृषकों की है और जागरुकता के अभाव में भारत का किसान अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अपनी सरकार की नौकरशाही को काम के बदले सुविधा शुल्क देने पर विवश हो रहा है, रिश्वत लेना और देना दोनों ही दण्डनीय अपराध हैं देश की सत्तर प्रतिशत आबादी के जागरुक होते ही भ्रष्टाचार में 70 प्रतिशत की कमी आ जायेगी और न्यायालयों से वादों के निस्तारण का भार कम हो जायेगा।
शांति एवं सद्भावपूर्ण वातावरण में की गई वार्ता किसी भी समस्या के समाधान का सर्वोत्तम उपाय है और राज्य तथा केन्द्र सरकारों को राष्ट्रहित में स्वयं संज्ञान लेते हुए कृषि उपज का मूल्य भी उसी अनुपात में बढ़ाना चाहिए जिस अनुपात में जन प्रतिनिधियों के वेतन भत्ते तथा आंगनबाड़ी से लेकर आईएएस के वेतन भत्तों में वृद्धि होती है, जो सरकार इस नियम को लागू कर देगी वही देश की स्थायी सरकार बन जायेगी। उस दिन न देश में राजनैतिक अस्थिरता का वातावरण होगा न ही बार-बार होने वाले चुनावों में अपार धन सम्पदा की क्षति। राजनेता चुनाव में शराब परोसते है जिससे प्रत्येक चुनाव में 15-20 प्रतिशत नया शराबी पैदा हो जाता है। शराब व्यक्ति की बुद्धि और विवेक दोनों को समाप्त कर देती है हमारी युवा पीढ़ी नशे में पड़कर अपना भविष्य बिगाड़ रही है युवा ही देश का भविष्य होते हैं देश की युवा पीढ़ी को संभालने के लिए किसानों को संभालना होगा क्योंकि किसानों की खुशहाली ही भारत की खुशहाली होगी। सरकार यदि देश को खुशहाल बनाना चाहती है तो उसे किसान को खुशहाल बनाना होगा।
रामनरेश यादव ने केन्द्र तथा राज्य सरकारों के समक्ष किसानों का पक्ष रखते हुए कहा कि भारत को खाद्यान्न के लिए आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किसान ने ही किया है किसान के बेटे ही सेना में और सरकारी सेवा में हैं लेकिन किसान आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते हुए आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। किसान की समस्या ही देश की समस्या है जिस दिन किसान की समस्याओं का समाधान हो गया उसी दिन देश खुशहाल हो जायेगा और देश के सामने से सत्तर प्रतिशत बेरोजगारी की समस्या समाप्त हो जायेगी। शिक्षित नवयुवक जब कृषि की बागडोर संभालेंगे तो कृषि को वैज्ञानिक स्वरुप प्राप्त होगा और भारत विश्व का सर्वाधिक साधन सम्पन्न राष्ट्र बन जायेगा। भारत की सत्तर प्रतिशत आबादी को ही भारत का भाग्य विधाता बताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत की सत्तर प्रतिशत आबादी कृषकों की है और जागरुकता के अभाव में भारत का किसान अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अपनी सरकार की नौकरशाही को काम के बदले सुविधा शुल्क देने पर विवश हो रहा है, रिश्वत लेना और देना दोनों ही दण्डनीय अपराध हैं देश की सत्तर प्रतिशत आबादी के जागरुक होते ही भ्रष्टाचार में 70 प्रतिशत की कमी आ जायेगी और न्यायालयों से वादों के निस्तारण का भार कम हो जायेगा।
शांति एवं सद्भावपूर्ण वातावरण में की गई वार्ता किसी भी समस्या के समाधान का सर्वोत्तम उपाय है और राज्य तथा केन्द्र सरकारों को राष्ट्रहित में स्वयं संज्ञान लेते हुए कृषि उपज का मूल्य भी उसी अनुपात में बढ़ाना चाहिए जिस अनुपात में जन प्रतिनिधियों के वेतन भत्ते तथा आंगनबाड़ी से लेकर आईएएस के वेतन भत्तों में वृद्धि होती है, जो सरकार इस नियम को लागू कर देगी वही देश की स्थायी सरकार बन जायेगी। उस दिन न देश में राजनैतिक अस्थिरता का वातावरण होगा न ही बार-बार होने वाले चुनावों में अपार धन सम्पदा की क्षति। राजनेता चुनाव में शराब परोसते है जिससे प्रत्येक चुनाव में 15-20 प्रतिशत नया शराबी पैदा हो जाता है। शराब व्यक्ति की बुद्धि और विवेक दोनों को समाप्त कर देती है हमारी युवा पीढ़ी नशे में पड़कर अपना भविष्य बिगाड़ रही है युवा ही देश का भविष्य होते हैं देश की युवा पीढ़ी को संभालने के लिए किसानों को संभालना होगा क्योंकि किसानों की खुशहाली ही भारत की खुशहाली होगी। सरकार यदि देश को खुशहाल बनाना चाहती है तो उसे किसान को खुशहाल बनाना होगा।
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