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6 दिसम्बर : सरकार के सहारे न रहकर जनता स्वयं बरते सावधानी

हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रामनरेश यादव ने कहा है कि अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को ध्वंस्त किए गए विवादित ढांचे की 26वीं वर्षगांठ इस बार असहज होने की संभावना है, 2019 में लोकसभा के चुनाव होने हैं और भाजपा के पास केन्द्र तथा राजों में कोई उपलब्धि नहीं है। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व मुजफ्फरनगर में दंगा कराया था और इस वर्ष बुलंदशहर में धार्मिक भावनायें भड़काकर मतदाताओं का रुझान भाजपा की तरह मोड़ा जा रहा है केन्द्र की भाजपा सरकार सहित राज्यों में भी केवल दूसरे दलों विशेषकर कांग्रेस की बुराई के अलावा भाजपा के पास न कोई विजन पहले था न अब है। देश बर्बादी के कगार पर है ऐसी स्थिति में जनता को सरकार अथवा शासन के भरोसे न रहकर स्वयं संयम बरतने की आवश्यकता है।
भारतवर्ष की आबादी में हिन्दू तथा मुसलमानों का अनुपात लगभग 80ः20 का है इसीलिए संघ और उसके अनुसांगिक संगठन हिन्दू-मुस्लिम दंगा करवाकर देश का वातावरण इतना बिगाड़ देते हैं कि सभी हिन्दू धर्म के नाम पर भाजपा के पक्ष में मतदान कर देते हैं। 2014 में भी यही हुआ और 2019 में भी फिर इसी पुनरावृत्ति का तानाबाना बुना जा रहा है। भाजपा केवल धार्मिक भावनायें भड़काकर सत्ता कब्जाती है और उसके पास विकास का कोई मुद्दा न पहले था न अब है और न ही भविष्य में भाजपा से विकास की कोई उम्मीद रखनी चाहिए। केन्द्र तथा राज्यों की भाजपा सरकारों की कार्यशैली जनता देख चुकी है देश की जनता को पंूजीपतियों की गुलाम बनाने की साजिश है, जिस पर देश की जनता को स्वयं विचार करना होगा। गाय, गंगा या मंदिर-मस्जिद, कब्रिस्तान-श्मशान यह सब व्यर्थ के मुद्दे हैं जनता बर्बादी से बचे और संघ के अनुसांगिक संगठनों का एकजुट होकर मुकाबला करें तभी देश को बचाया जा सकता है।
साम्प्रदायिकता के सहारे 2019 का चुनाव जीतने की उम्मीद लगाये बैठी भाजपा ने कई किराये के टट्टुओं को जो साढ़े चार साल से शांत रहकर सत्ता सुख भोग रहे थे उन्हें अब राम मंदिर निर्माण के लिए सक्रिय कर दिया, पूरे देश में मंदिर निर्माण को लेकर माहौल गर्म किया जा रहा है इसलिए इस वर्ष 6 दिसम्बर को स्थिति बिगड़ने की आशंका है। बुलन्दशहर की घटना मुजफ्फरनगर की घटना से मिलती जुलती है। बिहार में भी एक ऐसी घटना को अंजाम दिया गया तो हरिद्वार में भी एक शिव मंदिर से शिवलिंग गायब किया गया। 6 दिसम्बर को कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना है, एक संगठन विशेष ने गोधरा और अयोध्या में क्या किया उससे शासन और प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाना लोकसेवकों का दायित्व होता है सरकारें तो आती जाती रहती हैं। कानून व्यवस्था बनाना प्रशासन का कार्य होता है लेकिन जनता को स्वयं जागरुकता का परिचय देना होगा अन्यथा धर्म, धर्मस्थल और देश की स्वायत्ता सभी खतरे में आ सकते हैं।

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