Skip to main content

लोककल्याण के लिए अशोक शर्मा ने किया मां भगवती का जागरण

हरिद्वार।  शिवसेना के पूर्व जिला प्रमुख अशोक शर्मा ने आज आर्यनगर स्थित अपने आवास तथा स्वागत पैलेस में लोककल्याण एवं धर्मनगरी के उत्थान के लिए मां भगवती का भव्य जागरण कर दैवीय शक्तियों के जागरण को सार्थकता प्रदान की। उन्हांेने देवोत्थान एकादशी एवं कार्तिक पूर्णिमा के मध्यमकाल को तप साधना एवं अनुष्ठान के लिए उत्तम बताते हुए मां भगवती की पावन ज्योति से क्षेत्रीय जनता के मन मंदिरों को पावन कर मां के प्रसाद से अंतःकरण की शुद्धि करायी।
रात्रि पर्यन्त चले मां के जागरण को तप साधना का सूक्ष्म आयाम बताते हुए उन्होंने कहा कि निरन्तर तथा एकाग्र भक्तिभावना ही व्यक्ति के अन्दर से अंहकार एवं अज्ञान रुपी अंधकार को मिटाकर समाज के साथ समभाव बनाने का संदेश देता है। मां भगवती आदिशक्ति को सर्वशक्तिमान बताते हुए उन्होंने कहा कि आदिकाल से हमारे देवताओं ने भी राक्षसांे का वध करने के लिए मां शक्ति की आराधना की थी। शेर की सवारी को उनके शक्ति पुंज का प्रमाण बताते हुए कहा कि जब सामूहिक रुप से किसी शक्ति का आवाहन किया जाता है तो निश्चित ही उस शक्ति का सानिध्य समाज को प्राप्त होता है इसीलिए सनातन धर्म में 33 प्रकार के देवताओं को छोड़कर शक्ति स्वरुपा मां पराम्बा का जागरण किया जाता है। इस अवसर पर आर्यनगर स्थित स्वागत पैलेस में आज विशाल भण्डारे के रुप में मां का प्रसाद भक्तों ने पाकर अपना जीवन धन्य किया। इस मौके पर श्रीमती सीमा शर्मा, विजय कुमार, संत कुमार, हरिशंकर शर्मा, भगवान सिंह, महावीर सिंह, राजेन्द्र शर्मा, वीरपाल, श्रीनिवास, ओमकुमार शर्मा, गौरव शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, मा. जगपाल सिंह, महावीर सिंह, रवि बख्शी तथा रामनरेश यादव आदि उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना से हो जाते हैं असंभव कार्य भी संभव

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...

राम और रावण ने संयुक्त रुप से की रामेश्वरम् में ज्योतिर्लिंग की स्थापना

हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी ने 3 अक्टूबर से प्रारम्भ हुए रामलीला रुपी अनुष्ठान की अंतिम बेला में आज सेतुबन्ध रामेश्वरम् में ज्योतिर्लिंग की उस अद्भुत स्थापना का दृश्य प्रस्तुत किया जिसमें भगवान श्रीराम तथा रावण ने संयुक्त रुप से शिवोपासना कर धर्म एवं अध्यात्म के माध्यम से वैर भावना को भुलाने का संदेश दिया रामलीला का यह दृश्य चरित्र एवं मर्यादा की उस सीमा का पर्याय बन गया जब श्रीराम ने रावण को मुक्ति का वरदान दिया तो रावण ने राम को आसन्न युद्ध में विजयी होने का आशीर्वाद दिया। रावण विद्वान, बलशाली, अहंकारी के साथ कर्मवीर भी था जिसने अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए न किसी की राय मानी न ही अनुरोध। रावण दूरदृष्टा भी था इसीलिए उसने भाई विभीषण को लंका से निकाल दिया जो रामादल में सम्मिलित होकर लंका का राजा बना। रामलीला के बहुप्रतीक्षित अंगद-रावण संवाद की भी जमकर सराहना हुई। भगवान राम ने युद्ध के अंतिम क्षणों में भी शांतिदूत के रुप में अंगद को रावण के पास भेजा लेकिन रावण ने जानकी को देने के स्थान पर जान की बाजी देने का अपना निर्णय नहीं टाला और दोनों ओर से युद्ध की घोषणा हो गयी। श्रीरा...

गठबंधन और भाजपा के मुकाबले को त्रिकोणीय बनायेगी जविपा सेक्यूलर

राष्ट्रीय अध्यक्ष एन.पी. श्रीवास्तव ने किया गोरखपुर से नामांकन लखनऊ। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि किसान और जवान का सम्मान ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और भारत में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के सम्मान के लिए कार्य करना होगा। उक्त उद्गार उन्होंनेे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर ते हुए व्यक्त किए। जन विकास पार्टी सेक्यूलर के गठन एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकांश राजनैतिक दल शहरीकरण की आंधी में गुम हो गए हैं और गांव एवं देहात की सत्तर प्रतिशत आबादी को विस्मृत कर दिया है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को सार्थक करने की हामी भरते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए गांवों का विकास आवश्यक है और जन विकास पार्टी सेक्यूलर सत्ता में आने पर सबसे पहले कृषकों को उनकी उपज का मूल्य मेहनत मजदूरी के साथ देकर किसानों को मजबूत करेगी तथा कृषि मजदूरों को...