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सूदखोर और जरायम पेशे से जुड़े व्यक्तियों को नकार दे हरिद्वार की जनता

हरिद्वार। अन्तर्राष्ट्रीय उपभोक्ता कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामनरेश यादव ने कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव जनता की अपनी छोटी सरकार होती है जिसके प्रतिनिधि का चयन किसी दल विशेष की बाध्यता से अलग हटकर प्रतिनिधि की योग्यता एवं सामाजिकता के आधार पर होना चाहिए। नगरपालिका या नगर निगम स्वतंत्र संस्था होती है जो बड़ी सरकारों की भांति अपने संसाधनों का सृजन भी स्वयं करती है। स्थानीय निकाय चुनाव ही वास्तव में जनता को अपनी पसंद का प्रतिनिधि चयन करने का अधिकार देते हैं लेकिन विसंगति यह है कि कुछ असामाजिक तत्व या गलत ढंग से धन अर्जित करने वाले स्वार्थी तत्व अपने धन की चमक दिखाकर कभी-कभी जनता को गुमराह कर देते हैं। जनता से निवेदन है कि मतदान से पूर्व किसी भी प्रत्याशी का उपहार, धन या दारु लेकर उपकृत न हों और अन्तर्रात्मा की आवाज पर योग्य शिक्षित एवं सामाजिक व्यक्ति का ही चयन करें।
हरिद्वार नगर निगम में साठ वार्ड हैं और प्रत्येक वार्ड में कांग्रेस तथा भाजपा की सीधी टक्कर मानी जा रही है लेकिन ऐसा नहीं है उत्तराखण्ड में बड़े पद के लिए तो कांग्रेस-भाजपा में सीधी टक्कर हो सकती है लेकिन पार्षद या सभासद के प्रत्याशियों में ऐसा नहीं है। पार्षदों का चयन जनता उनके सामाजिक व्यवहार, शिक्षा एवं योग्यता के आधार पर ही करेगी। हरिद्वार के लगभग प्रत्येक वार्ड में कुछ गलत ढंग से धन अर्जित करने वाले व्यक्ति चुनाव मैदान में है और युवाओं को दारु तथा वरिष्ठजनों, माता-बहनों को उपहार देकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं कुछ वार्ड में ऐसे अपवाद बन गए हैं जहां सूदखोर, आठ से दस प्रतिशत मासिक ब्याज पर धन देकर लोगों के मकान गिरवी रखते हैं कई लोगों को घर विहीन तथा कई को रोजगार विहीन कर चुके सूदखोर भी चुनाव मैदान में है। कुछ प्रापर्टी डीलर तो कुछ जरायम पेशे से जुड़े व्यक्ति भी धन की चमक की प्रत्याशा में चुनाव जीतने की आस लगाये बैठे हैं क्योंकि हरिद्वार में लगभग 25 प्रतिशत आबादी ऐसी है जो गरीब तथा मजदूर तबके से ताल्लुक रखती है वह शराब और धन लेकर अपने वोट का सौदा करती है जबकि कुछ क्षेत्रों को छोड़कर पूरे शहर में मतदाताओं को शराब परोस कर उनका वोट लेने का सौदा किया जा रहा है।
हमारा संत समाज और प्रशासन भी आंखे बंदकर सब कुछ देख रहा है, हरिद्वार प्रतिबंधित क्षेत्र है यहां के नगर निगम के प्रत्याशी जो अपने वार्डों का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं नगरपालिका बायलाज का उल्लंघन कर मतदाताओं को शराब पिला रहे हैं उनसे भविष्य में क्या उम्मीद की जा सकती है। प्रत्येक चुनाव में 15 प्रतिशत नया शराबी पैदा होता है और यही कारण है कि हमारी युवा पीढ़ी बोतलों में घुसती जा रही है यदि शराब की यही रफ्तार रही तो हरिद्वार भी पंजाब बन जायेगा। मेरा हरिद्वार नगर निगम की प्रबुद्ध जनता से निवेदन है कि शराब, उपहार या धन के बदले अपने वोट का व्यापार न करंे और योग्य, शिक्षित तथा समाजसेवाओं से जुड़े व्यक्ति का चयन कर हरिद्वार में अच्छे बोर्ड का गठन करें।

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