हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. के तत्वावधान में 18 दिन तक धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए चले रामलीला मंचन का आज श्रीराम राजतिलक के साथ समापन हो गया। श्रीरामलीला भवन में भव्य रुप में सजाये गए राम दरबार में वैदिक पूजन के साथ राजगुरु वशिष्ठ ने भगवान राम को तिलक लगाकर राज गद्दी पर आसीन किया, श्रीराम राज्याभिषेक पर तीनों माताओं ने हर्ष की अनुभूति व्यक्त की तथा श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने श्रीराम दरबार में आरती उतार कर देश में रामराज्य की स्थापना के साथ लोक कल्याण की कामना की।
भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह को सम्बोधित करतेे हुए श्रीरामलीला सम्पत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष गंगाशरण मददगार ने कहा कि भगवान श्रीराम धर्म, मर्यादा एवं चरित्र निर्माण की प्रतिमूर्ति हैं और नैतिक पतन के इस युग में समाज को धर्म के मार्ग पर बनाये रखने के लिए रामलीला मंचन जैसे कार्यक्रमों के वृहद स्तर पर आयोजन की आवश्यकता है। श्रीरामलीला मंचन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जिसका चरित्र उत्तम एवं जीवन परोपकार के लिए समर्पित होता है समाज में उसी के चित्र की पूजा होती है और रामलीला कमेटी समाज को धर्म के सापेक्ष आचरण करने की प्रेरणा स्वरुप ही श्रीराम की लीलाओं का मंचन करती है। श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेन्द्र चड्ढा ने श्रीरामलीला आयोजन में सहयोग देने वालों तथा रंगमंच पर पात्रता का अभिनय करने वाले सभी कलाकारों को साधुवाद देते हुए कहा कि धर्म उसी की रक्षा करता है जो धर्म की रक्षा करता है और धर्म की क्षत्रछाया में सम्पूर्ण समाज में सुख, शांति एवं समृद्धि का समावेश हो इसी उद्देश्य के साथ प्रतिवर्ष यह आयोजन होता है। भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को आत्मसात करने का आवाह्न करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम को बाल्यावस्था में ही राजसी परिवार का परित्याग कर ऋषि विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा हेतु जाना पड़ा, परिणय सूत्र में बंधने के साथ ही 14 वर्ष तक वनवास का आदेश हुआ। वनवास में अर्द्धागिनी का अपहरण हो गया और जब राजगद्दी पर बैठे एक व्यक्ति की छींटाकशी के बाद पुनः अर्द्धागिनी का परित्याग करना पड़ा। जिस अवतारी ने जीवन भर कष्ट सहे पर किसी से कोई शिकायत नहीं की। माता-पिता ही नहीं समाज के एक अधम व्यक्ति की वाणी का भी सम्मान किया इसीलिए श्रीराम की आज सम्पूर्ण विश्व में पूजा होती है और श्रीरामलीला कमेटी उनके इसी आदर्श को समाज में समाहित करने के लिए इस कार्यक्रम का प्रतिवर्ष आयोजन करती है।
भगवान श्रीराम का राज्यभिषेक कर सम्पूर्ण समाज में धर्म की सामर्थ्य को समाहित करने की कामना करने वालों में प्रमुख थे श्रीरामलीला सम्पत्ति कमेटी ट्रस्ट के मंत्री रविकान्त अग्रवाल, रामलीला कमेटी के महामंत्री कृष्णमूर्ति भट्ट, महाराज कृष्ण सेठ, भगवत शर्मा ‘मुन्ना’, सुनील भसीन, विनय सिंघल, रविन्द्र अग्रवाल, नरेन्द्रशर्मा, डॉ. संदीप कपूर, राहुल वशिष्ठ, कन्हैया खेवड़िया, अनिल सुखीजा, सुनील वधावन, विकास सेठ तथा डॉ. रमेश खन्ना सहित सम्पूर्ण कार्यकारिणी ने श्रीरामलीला सकुशल सम्पन्न होने पर हर्ष व्यक्त किया।
भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह को सम्बोधित करतेे हुए श्रीरामलीला सम्पत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष गंगाशरण मददगार ने कहा कि भगवान श्रीराम धर्म, मर्यादा एवं चरित्र निर्माण की प्रतिमूर्ति हैं और नैतिक पतन के इस युग में समाज को धर्म के मार्ग पर बनाये रखने के लिए रामलीला मंचन जैसे कार्यक्रमों के वृहद स्तर पर आयोजन की आवश्यकता है। श्रीरामलीला मंचन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जिसका चरित्र उत्तम एवं जीवन परोपकार के लिए समर्पित होता है समाज में उसी के चित्र की पूजा होती है और रामलीला कमेटी समाज को धर्म के सापेक्ष आचरण करने की प्रेरणा स्वरुप ही श्रीराम की लीलाओं का मंचन करती है। श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेन्द्र चड्ढा ने श्रीरामलीला आयोजन में सहयोग देने वालों तथा रंगमंच पर पात्रता का अभिनय करने वाले सभी कलाकारों को साधुवाद देते हुए कहा कि धर्म उसी की रक्षा करता है जो धर्म की रक्षा करता है और धर्म की क्षत्रछाया में सम्पूर्ण समाज में सुख, शांति एवं समृद्धि का समावेश हो इसी उद्देश्य के साथ प्रतिवर्ष यह आयोजन होता है। भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को आत्मसात करने का आवाह्न करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम को बाल्यावस्था में ही राजसी परिवार का परित्याग कर ऋषि विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा हेतु जाना पड़ा, परिणय सूत्र में बंधने के साथ ही 14 वर्ष तक वनवास का आदेश हुआ। वनवास में अर्द्धागिनी का अपहरण हो गया और जब राजगद्दी पर बैठे एक व्यक्ति की छींटाकशी के बाद पुनः अर्द्धागिनी का परित्याग करना पड़ा। जिस अवतारी ने जीवन भर कष्ट सहे पर किसी से कोई शिकायत नहीं की। माता-पिता ही नहीं समाज के एक अधम व्यक्ति की वाणी का भी सम्मान किया इसीलिए श्रीराम की आज सम्पूर्ण विश्व में पूजा होती है और श्रीरामलीला कमेटी उनके इसी आदर्श को समाज में समाहित करने के लिए इस कार्यक्रम का प्रतिवर्ष आयोजन करती है।
भगवान श्रीराम का राज्यभिषेक कर सम्पूर्ण समाज में धर्म की सामर्थ्य को समाहित करने की कामना करने वालों में प्रमुख थे श्रीरामलीला सम्पत्ति कमेटी ट्रस्ट के मंत्री रविकान्त अग्रवाल, रामलीला कमेटी के महामंत्री कृष्णमूर्ति भट्ट, महाराज कृष्ण सेठ, भगवत शर्मा ‘मुन्ना’, सुनील भसीन, विनय सिंघल, रविन्द्र अग्रवाल, नरेन्द्रशर्मा, डॉ. संदीप कपूर, राहुल वशिष्ठ, कन्हैया खेवड़िया, अनिल सुखीजा, सुनील वधावन, विकास सेठ तथा डॉ. रमेश खन्ना सहित सम्पूर्ण कार्यकारिणी ने श्रीरामलीला सकुशल सम्पन्न होने पर हर्ष व्यक्त किया।
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