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बड़ी रामलीलाः भारत भूमि ने कभी बर्दाश्त नहीं किए अत्याचार


हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखण्ड के द्वार पर बड़ी रामलीला के आयोजन का गौरव प्राप्त करने वाली श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज परशुराम तपस्या के माध्यम से सृष्टि की उस दैवीय व्यवस्था का दर्शन कराया जिसमें दिखाया गया कि भारतवर्ष पृथ्वी का ऐसा स्वर्ग है जहां किसी भी युग में अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया गया और भविष्य में भी कोई शासक जनता पर अत्याचार न करे इसी प्रेरणा स्वरुप रंगमंच से प्रतिवर्ष भगवान की लीला का आयोजन होता है। श्रीरामलीला कमेटी ने परशुराम के रुप में अपने अभिनय के चालीस साल के अनुभवी कलाकार डॉ. रमेश खन्ना द्वारा विन्ध्याचल पर्वत पर की गयी तपस्या के उस दृश्य का दर्शन कराया जब तपोबल से धरती और पहाड़ भी कांप जाते थे और शिव भक्त परशुराम ने उस समय भी 21 बार धरती को क्षत्रिय विहीन कर दिया था जब क्षत्रियों के अत्याचार से जनता त्रस्त होती थी अपने इस दृश्य से रामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भारतमाता ने कभी किसी अत्याचारी को बर्दाश्त नहीं किया चाहे दैवीय सत्ता का युग रहा हो या राजसत्ता का हो।
रामलीला कमेटी ने पुष्प वाटिका एवं जनकपुरी के दृश्यों के माध्यम से भारत की उस गौरवशाली संस्कृति का दर्शन कराया जिसमें अतिथि देवोभवः को साकार करते हुए भगवान राम एवं लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्रा के साथ जब जनकपुरी पहुंचे तो राजा जनक ने स्वयं उनका स्वागत किया तथा राम और लक्ष्मण को जब जनकपुरी दर्शन की अभिलाषा हुई तो उन्हांेने गुरु से आज्ञा मांगी। भगवान राम के आदर्शों एवं मर्यादाओं को समाज में समाहित करने के लिए ही भगवान राम ने पुष्प वाटिका प्रवेश करने से पूर्व वहां के माली से अनुमति प्राप्त की।
इसी दृश्य में मानव जीवन के उस आदर्श को दर्शाया गया जिसमें भगवान राम एवं लक्ष्मण ने उस समय स्वयं को पुष्प वाटिका से अलग कर लिए जब सीताजी अपनी सखियों के साथ वहां गौरी पूजन के लिए आ रही थीं। श्रीरामलीला कमेटी के प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल ने बताया कि देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पहली संस्था है जो धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए कार्य करते हुए अपने रंगमंच से भारत के अतीत को गौरवान्वित करती है यही कारण है कि यहां स्थानीय गणमान्य नागरिकों एवं तीर्थयात्रियों के अतिरिक्त विभिन्न दलों के राजनेता, बुद्धिजीवी तथा अधिकारी रामलीला का दर्शन करने आते रहते हैं। उन्होंने 10 अक्टूबर को रंगमंच पर अवकाश रहने की सूचना देते हुए बताया कि कल (आज) भगवान श्रीराम के विवाह की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें स्थानीय तथा बाहर के उच्च गुणवत्ता वाले बैण्डबाजों की व्यवस्था होगी। उन्हांेने भगवान राम की बारात की विशिष्टताओं का वर्णन करते हुए बताया कि जो रामभक्त इस शोभायात्रा में सम्मिलित होता है उसके परिवार में वैवाहिक समस्याओं का समाधान हो जाता है। रंगमंच के सफल मंचन एवं व्यवस्था में योगदान देने वालों में प्रमुख हैं महामंत्री कृष्णमूर्ति भट्ट, सम्पत्ति कमेटी के मंत्री रविकान्त अग्रवाल, मुख्य दिग्दर्शक महाराज कृष्ण सेठ, दिग्दर्शक भगवत शर्मा ‘मुन्ना’, कोषाध्यक्ष रविन्द्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील भसीन एवं राकेश गोयल, मंत्री डॉ. संदीप कपूर, उपमंत्री कन्हैया खेवड़िया, नरेन्द्र शर्मा, सुनील वधावन, रमन शर्मा, अनिल सुखीजा, पवन शर्मा, महेश गौड़, विकास सेठ, राहुल वशिष्ठ तथा मुरलीधर अग्रवाल।

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