दशहरा मेला की जानकारी देते हुए श्रीरामलीला कमेटी के प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल ने बताया कि रावण कुम्भकरण के पुतलों की विशालता के साथ ही दिल्ली तथा शिवाकाशी से मंगायी गयी आतिशबाजी दशहरा मेला आकर्षण का मुख्य केन्द्र होती है लेकिन श्रीरामलीला कमेटी द्वारा आयोजित विजय दशमी के इस पर्व मंे बाकायदा रामादल एवं रावण की सेना का मुकाबला युद्ध भूमि में दिखाया जाता है रामलीला कमेटी अपने सभी कार्यक्रम रंगमंच पर करने बाद राम-रावण युद्ध की वास्तविकता का दर्शन कराने के लिए ही इस कार्यक्रम को रोडी बेलवाला मैदान में आयोजित करती है। देवभूमि उत्तराखण्ड में गंगा तट पर आयोजित होने वाला यह एकमात्र ऐसा दशहरा है जिसमें असत्य, अत्याचार एवं अंहकार को विशालतम आकार देकर उसका दहन कर सम्पूर्ण भारतवर्ष में आसुरी प्रवृत्तियों के शमन की कामना की जाती है। श्रीरामलीला कमेटी द्वारा आयोजित इस पर्व का दर्शन करने पंचपुरी की जनता के साथ ही निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्र तथा देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालु भी उपस्थित होते हैं।
दशहरा मेला की जानकारी देते हुए श्रीरामलीला कमेटी के प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल ने बताया कि रावण कुम्भकरण के पुतलों की विशालता के साथ ही दिल्ली तथा शिवाकाशी से मंगायी गयी आतिशबाजी दशहरा मेला आकर्षण का मुख्य केन्द्र होती है लेकिन श्रीरामलीला कमेटी द्वारा आयोजित विजय दशमी के इस पर्व मंे बाकायदा रामादल एवं रावण की सेना का मुकाबला युद्ध भूमि में दिखाया जाता है रामलीला कमेटी अपने सभी कार्यक्रम रंगमंच पर करने बाद राम-रावण युद्ध की वास्तविकता का दर्शन कराने के लिए ही इस कार्यक्रम को रोडी बेलवाला मैदान में आयोजित करती है। देवभूमि उत्तराखण्ड में गंगा तट पर आयोजित होने वाला यह एकमात्र ऐसा दशहरा है जिसमें असत्य, अत्याचार एवं अंहकार को विशालतम आकार देकर उसका दहन कर सम्पूर्ण भारतवर्ष में आसुरी प्रवृत्तियों के शमन की कामना की जाती है। श्रीरामलीला कमेटी द्वारा आयोजित इस पर्व का दर्शन करने पंचपुरी की जनता के साथ ही निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्र तथा देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालु भी उपस्थित होते हैं।

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