हरिद्वार। अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के तत्वावधान में कनखल स्थित श्रीराजपूत पंचायती धर्मशाला में विजयदशमी का उत्सव क्षत्रिय वशी परम्परा के अनुरुप शस्त्रपूजन तथा विश्व कल्याण यज्ञ के साथ मनाया गया जिसमें सभी क्षत्रिय बन्धुओं ने शस्त्र पूजा कर समाज में व्याप्त कुरीतियों तथा विसंगतियों पर विजय पाने का संकल्प लिया।
समाज कल्याण महायज्ञ की पूर्णाहुति कर शस्त्र पूजा समारोह को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने कहा कि क्षत्रिय वंश समाज का रक्षक है जिसने सभी युगों में अपने अस्त्र-शस्त्रों के बल पर धर्म एवं समाज की रक्षा की है। रघुकुल भूषण मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम को क्षत्रिय समाज का आदर्श बताते हुए उन्होंने कहा कि हम सब श्रीराम के चरित्र एवं मर्यादित आचरण से प्रेरणा लेकर समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं विसंगतियों के शमन का संकल्प लें यही इस पर्व को मनाने की सार्थकता है। संगठन के जिला महामंत्री ठा. हरिसिंह शेखावत ने शिक्षा को समाज की मूल आवश्यकता बताते हुए कहा कि ज्ञान और विद्या ही व्यक्ति के आभूषण हैं और क्षत्रिय समाज अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देकर राजा-महाराजाओं की भांति राष्ट्र की शासन व्यवस्था को संभालने का संकल्प ले। नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या तथा दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के बाद ही समाज को उन्नति की श्रेणी में लाया जा सकता है। क्षत्रिय समाज के अतीत से युवा पीढ़ी को गौरवान्वित करते हुए उन्होंने सभी का आवाहन किया कि अशिक्षा को दूर कर शिक्षित समाज का निर्माण करें तभी विजयदशमी जैसे पर्व को सार्थकता प्रदान की जा सकती है। इससे पूर्व प्रो. भारतभूषण विद्यालंकार ने हवन पूजन कराकर समाज में बुद्धि, विद्या एवं यशवर्द्धन की कामना की। इस अवसर पर वीरेन्द्र सिंह रघुवंशी, राजवीर सिंह, सागर सिंह चौहान, प्रेम सिंह राणा, यशपाल राणा, आर.बी. सिंह तथा वाई.पी.एस. चौहान ने भी विचार व्यक्त किए।


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