हरिद्वार। हरिद्वार से स्थानांतरित होकर मुरादाबाद गए अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड में पदस्थापित रहे अधिशासी अभियंता श्री रामा कृष्णा की पत्नी को उत्तर प्रदेश शासन ने मृतक आश्रित को नौकरी के प्रावधान के मद्देनज़र विशेष कार्याधिकारी (ओ॰एस॰डी॰) के पद पर नियुक्ति हेतु आदेश जारी किए। उल्लेखनीय है कि अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड मुरादाबाद के अधिशासी अभियंता पद पर रहते श्री रामा कृष्णा का देहांत लखनऊ मुरादाबाद के बीच एक भीषण दुर्घटना में हो गया था। श्री रामा कृष्णा जी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा मध्य गंगा नहर निर्माण खंड प्रथम हरिद्वार से परिवर्तित कर बनाए अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड मुरादाबाद को मुरादाबाद स्थानांतरित करने का विशेष प्रयास भी कर रहे थे। श्री रामा कृष्णा जी एक साफ़ सुथरी छवि एवं कर्मठ अधिकारी माने जाते थे।
हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से परस्पर सहयोग एवं मैत्री भावना के उस दृश्य का अवलोकन कराया जिसके तहत वो समस्याग्रस्त व्यक्ति यदि मैत्री भावना से एक-दूसरे का सहयोग करें तो दोनों के असंभव कार्य संभव हो जाते हैं और यदि कोई भक्त सच्ची भावना से भगवान का दर्शन करना चाहता है तो भगवान स्वयं उसके घर पर आकर दर्शन देते हैं। सुग्रीव मैत्री तथा शबरी राम दर्शन के दृश्यों का मंचन करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दिखाया कि शबरी एक भील कन्या थी लेकिन भगवान राम का दर्शन करने की उसकी दिली इच्छा थी तो भगवान राम ने स्वयं उसकी कुटिया में जाकर दर्शन दिए तथा उसके झूठे बेर भी खाये। लक्ष्मण द्वारा शबरी के बेर न खाकर फेंकने पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि दीनहीन व्यक्ति ही दीनानाथ का स्वरुप होता है और जो बेर उन्हांेने फेंके हैं वे ही संजीवनी बूटी के रुप में उनकी मूर्छा को दूर करेंगे। श्रीराम सुग्रीव मैत्री को रामलीला के सर्वाधिक प्रेरणादायी दृश्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्रीरामलीला कमेटी ने दर्शाया कि भगवान श्रीराम एवं सुग्रीव दोनों की समस्यायें समान थीं दोनों अपने-अपने राजपाट से वं...
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