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निष्पक्ष पत्रकारिता ही सबसे बड़ा धर्म : स्वामी अवधेशानन्द गिरि

हरिद्वार। भारत के पत्रकारों की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त संस्था नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इण्डिया) की जनपद इकाई के तत्वावधान में आज पत्रकारिता के महान स्तम्भ अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की जयन्ती, समारोह के उपलक्ष में ‘गणेशशंकर विद्यार्थी व वर्तमान पत्रकारिता’ पर एक ऐतिहासिक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रुप में प्रख्यात पत्रकार राहुल देव एवं मुख्य अतिथि के रुप में सम्पूर्ण विश्व को अध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत करने वाले जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने अपने आशीवर्चनों से अभिसिंचित किया।पत्रकारिता को मुख्य अतिथि के रुप में मार्गदर्शन देते हुए जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने कहा कि पत्रकारिता सबसे बड़ा धर्म है जो समाज की संवेदनशीलता के प्रति सजग रहकर अपने दायित्व एवं चुनौतियों में सामंजस्य स्थापित करता है। मिशनरी पत्रकारिता को साधुवाद देते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार समस्त मूल्यों पर व्यवस्थाओं का प्रबंध करता है लेकिन पत्रकार जब सत्य और साहस भूल जाता है तब देश और समाज का बड़ा अहित हो जाता है। उन्हांेने गणेशशंकर विद्यार्थी के चरित्र एवं साहस को आत्मसात करने का आवाह्न करते हुए अनेकों महान पत्रकार विभूतियों के साथ अपने संस्मरण भी सुनाये।
विचार गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रुप में सम्बोधित करते हुए प्रख्यात पत्रकार राहुल देव ने कहा कि पत्रकार ही समाज का सजग प्रहरी है जिसकी भूमिका का निर्वाह करना आज बड़ी चुनौती है। पत्रकार बन्धुओं से नम्र रहने का आवाह्न करते हुए उन्हांेने कहा कि कुछ पत्रकारों में अज्ञानता का अहंकार होता है फिर भी कार्यपालिका एवं विधायिका द्वारा जो कुछ छुपाया जाता है उसे जनता के सामने लाना हमारा दायित्व है। पत्रकारों को सत्ता से दूरी बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि स्व. गणेशशंकर विद्यार्थी से प्रेरणा लेकर हमें राष्ट्र एवं समाज निर्माण का संकल्प लेना होगा यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी और आज पूरा विश्व भारत की तरफ आशा भरी दृष्टि से देख रहा है ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व और बढ़ जाता है। कार्यक्रम को अध्यक्षीय पद से सम्बोधित करते हुए संस्कृत विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ.पीयूषकांत दीक्षित ने हरिद्वार की पत्रकारिता की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि यहां की पत्रकारिता में गणेशशंकर विद्यार्थी जैसे गुण विद्यमान हैं। इससे पूर्व विचारगोष्ठी के संयोजक वरिष्ठ प्रो. पी.एस. चौहान ने गणेशशंकर विद्यार्थी का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि अन्याय एवं शोषण के विरुद्ध आवाज ही पत्रकारिता का धर्म है और हरिद्वार के पत्रकार गणेशशंकर विद्यार्थी से प्रेरणा लेकर रचनात्मक पत्रकारिता के साथ ही अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वाह करते हैं। संस्थाध्यक्ष राजेश शर्मा ने सभी अतिथियों का अभिनन्दन करते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वाह करने के संकल्प को दोहराया तथा महामंत्री राहुल वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। जयन्ती समारोह में अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने के लिए जिन विभूतियों को सम्मानित किया गया उनमें प्रमुख हैं पत्रकार संदीप रावत एवं दीपक नौटियाल, संजय चतुर्वेदी, डॉ. सुनील बत्रा, अशोक गुप्ता, श्रीमती सपनाश्री तथा रक्तदान वाले सम्पूर्ण समूह को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर महिला आयेाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. संतोष चौहान, पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी, फुरकान अली एडवोकेट, कांग्रेस नेता पुरूषोत्तम शर्मा सहित बड़ी संख्या में राजनेता, व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम को एनयूजेआई के प्रदेश महामंत्री रामचन्द्र कनौजिया तथा प्रेस क्लब के महामंत्री ललितेन्द्रनाथ जोशी ने भी सम्बोधित किया। अतिथियों का स्वागत करने वालों में प्रमुख थे धर्मेन्द्र चौधरी, आदेश त्यागी, नरेश गुप्ता, अमित शर्मा, सुनील पाल, प्रशान्त शर्मा, लव शर्मा, योगेन्द्र मावी, जयपाल सिंह, शिवकुमार शर्मा, सतीश गुजराल, कुमार दुष्यंत, कुमकुम शर्मा, तनवीर अली, संतोष उपाध्याय, शमशेर बहादुर वम सहित प्रेस क्लब से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारी तथा शांतिकुंज के पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. पीयूषकांत दीक्षित ने तथा संचालन राजेश शर्मा ने किया।

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