हरिद्वार। शारदीय नवरात्र व्रत साधना की पूर्णाहुति पर आज मायापुर स्थित मां मंगला काली मन्दिर में स्वामी विवेकानन्द ब्रह्मचारी के सानिध्य में विश्व कल्याण महायज्ञ के साथ नौ कन्याओं का पूजन कर मां के प्रसाद से भक्तों ने अपना अन्तःकरण पवित्र किया।
यज्ञ की पूर्णाहुति से पूर्व भक्तों को संबोधित करते हुए मां मंगला काली मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी विवेकानन्द ब्रह्मचारी ने कहा कि शक्ति की उपासना से दैवीय शक्तियों का प्रादुर्भाव होता है और यज्ञ से वायु मण्डल पवित्र हो जाता है जिससे समाज नाना प्रकार की व्याधि एवं विसंगतियों से मुक्त होकर सुख, शांति एवं आरोग्य का जीवन व्यतीत करता है। शारदीय नवरात्र के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी देते हुए उन्हांेने बताया कि सनातन धर्म पर्वों का ऐसा गुलदस्ता है जो बदलते मौसम से सामना करने की शक्ति प्रदान करता है। नौ कन्याओं के पूजन का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि मां आदिशक्ति के नौ स्वरुप हैं तथा प्रतिदिन एक स्वरुप की पूजा होती है इसीलिए व्रत साधना की पूर्णाहुति स्वरुप देवी के नौ स्वरुपों की प्रतीक नौ कन्याओं का पूजन कर भक्तों को प्रसाद दिया जाता है।
यज्ञ की पूर्णाहुति एवं कन्या पूजन के साथ सम्पूर्ण समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की कामना करने वालों में प्रमुख थे हरीशचन्द यादव, प्रेमचंद सैनी, आशीष यादव, आलोक अवस्थी, यीशु यादव, रविश अबाना, आभा जैन, विमल वर्मा, सोनल प्रिंस, स0 बरयाम सिंह, सुनील कुमार अग्रवाल, पं0 अधीर कौशिक, नीरज कुमार, विद्यावती भट्ट, राज ओबराय तथा रामनरेश यादव।
यज्ञ की पूर्णाहुति से पूर्व भक्तों को संबोधित करते हुए मां मंगला काली मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी विवेकानन्द ब्रह्मचारी ने कहा कि शक्ति की उपासना से दैवीय शक्तियों का प्रादुर्भाव होता है और यज्ञ से वायु मण्डल पवित्र हो जाता है जिससे समाज नाना प्रकार की व्याधि एवं विसंगतियों से मुक्त होकर सुख, शांति एवं आरोग्य का जीवन व्यतीत करता है। शारदीय नवरात्र के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी देते हुए उन्हांेने बताया कि सनातन धर्म पर्वों का ऐसा गुलदस्ता है जो बदलते मौसम से सामना करने की शक्ति प्रदान करता है। नौ कन्याओं के पूजन का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि मां आदिशक्ति के नौ स्वरुप हैं तथा प्रतिदिन एक स्वरुप की पूजा होती है इसीलिए व्रत साधना की पूर्णाहुति स्वरुप देवी के नौ स्वरुपों की प्रतीक नौ कन्याओं का पूजन कर भक्तों को प्रसाद दिया जाता है।
यज्ञ की पूर्णाहुति एवं कन्या पूजन के साथ सम्पूर्ण समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की कामना करने वालों में प्रमुख थे हरीशचन्द यादव, प्रेमचंद सैनी, आशीष यादव, आलोक अवस्थी, यीशु यादव, रविश अबाना, आभा जैन, विमल वर्मा, सोनल प्रिंस, स0 बरयाम सिंह, सुनील कुमार अग्रवाल, पं0 अधीर कौशिक, नीरज कुमार, विद्यावती भट्ट, राज ओबराय तथा रामनरेश यादव।

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