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सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता रह चुके हैं स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद

सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता रह चुके हैं स्वामी ज्ञानस्वरूप 

गंगा एक्ट की मांग को लेकर 111 दिन से अनशन पर बैठे जिन पर्यावरणविद प्रोफेसर जी डी अग्रवाल उर्फ ज्ञानस्वरूप सानंद जिनका 86 वर्ष की आयु में निधन हुआ उनकी पहली नौकरी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता के तौर पर थी। कुछ समय तक नौकरी करने के बाद वो उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी कानपुर चले गए। कैलिफ़ोर्निया से पीएचडी की उपाधि हासिल की करने के बाद आई आई टी कानपुर में छात्रों को पढ़ाने का कार्य प्रारम्भ किया। यहाँ यह भी बता दें कि उन्होंने ने इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री रूड़की विश्वविद्यालय (वर्तमान आई॰आई॰टी॰ रूड़की) से की थी। प्रो. जी॰डी॰अग्रवाल उर्फ ज्ञानस्वरूप सानंद हमेशा ही गंगा को लेकर फ़िक्रमंद रहा करते थे। जी॰डी॰ अग्रवाल का सिंचाई विभाग से लेकर आई॰आई॰टी॰ प्रोफेसर बनना एवं उसके पश्चात गंगा की सेवा करते हुए स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद बनने का सफर उनका गंगा के प्रति समर्पण दिखाता है। उसके पश्चात माँ गंगा के लिए प्राण त्यागना उनके गंगा के प्रति समर्पण की सीमा दर्शाता है। 
 सबको याद होगा कि किस प्रकार उन्होंने मनमोहन सिंह की सरकार के समय अपने आंदोलन से उत्तर काशी में गंगा के पवित्रतम रूप भागीरथी पर बन रहे लोहारी नाग पाला जैसे अनेक प्रोजेक्ट बंद करने  के लिए सरकार को मजबूर कर दिया था। बीच बीच में वो गंगा बचाने  लिए अनेक प्रयास करते रहे। पर यह किसको मालूम था कि २२ जून २०१८ को प्रारम्भ किया उनका अनशन उनके प्राण ही ले लेगा। 


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