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मोदी देश का सबसे बड़ा धोखेबाज

हरिद्वार। लोकसभा चुनाव 2014 से पूर्व भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि भारत का कालाधन विदेशों में जमा है और वे यदि प्रधानमंत्री बन गए तो तीन माह के अन्दर समस्त कालाधन वापस भारत में ले आयंेगे, उन्हांेने विदेशों में जमा भारत के कालेधन का आंकलन करते हुए बताया था कि पूरा धन वापस आने के बाद प्रत्येक भारतवासी के खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराये जा सकते हैं। देश की जनता ने उनकी बातों पर विश्वास किया और उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे न केवल अपना वादा भूल गए बल्कि वर्तमान में उन विदेशी बैंकों में जमा धनराशि डेढ़ गुनी हो गयी बतायी जाती है।
बीते तीन वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति में आयी गिरावट का आंकलन किया जाये तो विभिन्न कम्पनियां बनाकर लगभग आधा दर्जन देश के बड़े कर्जदार बैंकों का पैसा लेकर खुलेआम विदेश चले गए और चौकीदार ने उन्हें रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गत दिवस उठाये गए बड़े कदम के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब अमेरिका डॉलर की कथित धोखाधड़ी करने वाले हीरा करोबारी नीरव मोदी की 255 करोड़ रुपये की सम्पत्ति हांगकांग में कुर्क की गई है जो अब तक की सबसे बड़ी धनराशि है। धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत की गई ईडी की कार्यवाही के अनुसार नीरव मोदी की दुबई स्थित कम्पनियों से लगभग दो दर्जन जहाजों में लादकर हीरे और आभूषण हांगकांग की उसके नियंत्रण वाली कम्पनी में रखे गए जिनको कुर्क किया गया है। कुर्क किए गए हीरे एवं आभूषणों का मूल्य लगभग ढ़ाई सौ करोड़ रुपये बताया गया है। इस आधार नीरव मोदी ही देश का सबसे बड़ा धोखेबाज बनकर उभरा है।


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