हरिद्वार। विद्युत स्वयं सहायता समूह समिति के सचिव सुनील कुमार ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराकर समिति के पूर्व सचिव सुधीर कुमार गोयल पुत्र सुमेरचंद गोयल निवासी 579, आवास विकास माडल कालोनी, रानीपुर मोड, ज्वालापुर के विरुद्ध कर्मचारियों के एक करोड़ बीस लाख रुपये गबन करने का आरोप लगाया है जिसके विरोध में सुधीर कुमार गोयल ने अपनी पत्नी बबली गोयल के माध्यम से थाना कनखल में झूठी क्रास रिपोर्ट दर्ज करवाकर विद्युत कर्मचारियों के नेता अशोक टण्डन को बदनाम करने का प्रयास किया है।
हाइड्रो इलैक्ट्रिक इम्पाइल यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक टण्डन तथा विद्युत स्वयं सहायता समूह समिति के वर्तमान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि सुधीर गोयल ने जब से स्वयं सहायता समूह के रुप में कार्य करना प्रारम्भ किया तभी से वह कर्मचारियों को न तो निगम द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन देता था न ही फण्ड तथा चिकित्सा इत्यादि की धनराशि ही जमा करता था जिसकी कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर जांच करायी गयी जिसमें सुधीर गोयल को दोषी पाते हुए उसे हटा दिया गया तथा उसके विरुद्ध गंभीर आरोपों में रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई। सुधीर गोयल को अपने विरुद्ध दर्ज हुई रिपोर्ट की जानकारी होते ही उसने थाना कनखल में झूठी क्रास रिपोर्ट अपनी पत्नी बबली गोयल के नाम से दर्ज करायी तथा मामला दो वर्ष पूर्व का दर्शाया। जबकि उसका पुत्र न पहले बेरोजगार था न ही अब है जो लड़का रोजगारशुदा है वह नौकरी लगवाने के लिए इतनी बड़ी धनराशि किसी को क्यों देगा। इंटक नेता अशोक टण्डन ने बताया कि सुधीर गोयल एवं उसकी पत्नी बबली के विरुद्ध मानहानि का दावा तथा उसके एवं उसकी पत्नी के नाम अवैध सम्पत्ति एवं बिना मानक प्राप्त किए गए लाइसेंस की जांच करायी जायेगी। उन्हांेने बताया कि सुधीर गोयल की जांच ऊर्जा निगम की उच्च स्तरीय समिति ने की है और यह मजदूरों के धन के गबन का आरोपी जो फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने से भी बचने वाला नहीं है उसको जेल जाने से कोई रोक नहीं सकता। विद्युत कर्मचारी नेता केहर सिंह ने बताया कि सुधीर गोयल ने विद्युत सहायता समूह के रुप में कर्मचारियों की बहुत बड़ी धनराशि का गबन किया है तथा स्वयं को फंसता हुआ देखकर उसने अपनी पत्नी के नाम से झूठी रिपोर्ट दर्ज करायी है, जिसके कारण पति तथा पत्नी दोनों जेल जायेंगे।
हाइड्रो इलैक्ट्रिक इम्पाइल यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक टण्डन तथा विद्युत स्वयं सहायता समूह समिति के वर्तमान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि सुधीर गोयल ने जब से स्वयं सहायता समूह के रुप में कार्य करना प्रारम्भ किया तभी से वह कर्मचारियों को न तो निगम द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन देता था न ही फण्ड तथा चिकित्सा इत्यादि की धनराशि ही जमा करता था जिसकी कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर जांच करायी गयी जिसमें सुधीर गोयल को दोषी पाते हुए उसे हटा दिया गया तथा उसके विरुद्ध गंभीर आरोपों में रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई। सुधीर गोयल को अपने विरुद्ध दर्ज हुई रिपोर्ट की जानकारी होते ही उसने थाना कनखल में झूठी क्रास रिपोर्ट अपनी पत्नी बबली गोयल के नाम से दर्ज करायी तथा मामला दो वर्ष पूर्व का दर्शाया। जबकि उसका पुत्र न पहले बेरोजगार था न ही अब है जो लड़का रोजगारशुदा है वह नौकरी लगवाने के लिए इतनी बड़ी धनराशि किसी को क्यों देगा। इंटक नेता अशोक टण्डन ने बताया कि सुधीर गोयल एवं उसकी पत्नी बबली के विरुद्ध मानहानि का दावा तथा उसके एवं उसकी पत्नी के नाम अवैध सम्पत्ति एवं बिना मानक प्राप्त किए गए लाइसेंस की जांच करायी जायेगी। उन्हांेने बताया कि सुधीर गोयल की जांच ऊर्जा निगम की उच्च स्तरीय समिति ने की है और यह मजदूरों के धन के गबन का आरोपी जो फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने से भी बचने वाला नहीं है उसको जेल जाने से कोई रोक नहीं सकता। विद्युत कर्मचारी नेता केहर सिंह ने बताया कि सुधीर गोयल ने विद्युत सहायता समूह के रुप में कर्मचारियों की बहुत बड़ी धनराशि का गबन किया है तथा स्वयं को फंसता हुआ देखकर उसने अपनी पत्नी के नाम से झूठी रिपोर्ट दर्ज करायी है, जिसके कारण पति तथा पत्नी दोनों जेल जायेंगे।
Comments
Post a Comment