हरिद्वार। श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने आज अपने रंगमंच से नौका लीला, दशरथ मरण तथा भरत मिलाप के भावुकतापूर्ण दृश्यों का मंचन कर दर्शकों को भारत की गौरवमयी संस्कृति का दर्शन कराया। अपने अभिनय से कलियुग में त्रेताकालीन संस्कृति का दर्शन कराने वाले रामलीला कमेटी के बीस वर्षों से विभिन्न पात्रों का किरदार निभा रहे केवट ने दर्शकों की जमकर वाहवाही लूटी। वहीं रामलीला कमेटी की नौका लीला के उस दृश्य ने दर्शकों का मन मोह लिया जब केवट अपनी नौका से राम लक्ष्मण एवं सीता को नदी पार करवा रहा था।
नौका लीला में केवट की पात्रता का अभिनय करने वाले कलाकार ने यह कहकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न कर दी कि वह भगवान श्रीराम को अपनी नौका में नहीं चढ़ने देगा क्योंकि उनकी चरणरज से नौका का स्वरुप बदल सकता है। केवट द्वारा श्रीराम के चरण धोने का प्रसंग स्वयं श्रीराम ने लक्ष्मण को सुनाते हुए कहा कि सतयुग में जब वे क्षीर सागर में थे तो केवट रुपी कछुआ उनके पैर छूना चाहता था जिसको सीता रुपी लक्ष्मी तथा लक्ष्मण रुपी शेषनाग ने कछुए को उनके पैर नहीं छूने दिए तथा पूर्व जन्म की प्रत्याशा स्वरुप केवट उनके पैर धोना चाहता है जिसकी उन्होंने सहर्ष सहमति दे दी। नौका लीला में जहां केवट के अभिनय की जमकर प्रशंसा हुई वहीं नौकालीला के आयोजन में कमेटी द्वारा प्रयुक्त संसाधनों के लिए भी दर्शकों ने रामलीला कमेटी को साधुवाद दिया।
श्रीरामलीला कमेटी ने आज वर्तमान पीढ़ी को जनहित की प्रेरणा से अभिभूत करते हुए भरत मिलाप के दृश्य को भावुकता से ओतप्रोत किया क्योंकि भरत का चरित्र भी राम से कम नहीं था जिन्हांेने अपने पिता का कहना भी माना और बड़े भाई का सम्मान भी सर्वोपरि रखा। राज सिंहासन पर श्रीराम की खडाऊं (चरण पादुका) रखकर राज करने वाले भरत ने जो आदर्श प्रस्तुत किया वह आज भी प्रासंगिक है। राजा दशरथ अपने प्राणों का परित्याग करते हुए समय भले ही अपने किसी पुत्र का दर्शन नहीं कर सके लेकिन जिस कलाकार ने राजा दशरथ की पात्रता का अभिनय किया उससे दर्शकों की आंखें नम हो गयीं। रंगमंच के सभी दृश्यों को मार्मिक बनाने में मुख्य दिग्दर्शक महाराजकृष्ण सेठ तथा दिग्दर्शक भगवत शर्मा ‘मुन्ना’ के साथ ही मंच संचालक कृष्णमूर्ति भट्ट की भूमिका सराहनीय रही। रंगमंच को भव्यता प्रदान करने में प्रमुख हैं गंगाशरण मददगार, रविकांत अग्रवाल, विनय सिंघल, डॉ. संदीप कपूर, रविन्द्र अग्रवाल, सुनील भसीन, नरेन्द्र शर्मा, राहुल वशिष्ठ, कन्हैया खेवड़िया, रमन शर्मा, अनिल सुखीजा, पवन शर्मा, सुनील वधावन तथा महेश गौड़। कमेटी के प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल ने बताया कि रविवार को रावण दरबार, सीता हरण, जटायु वध एवं राम विलाप की लीला का मंचन किया जायेगा।
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